जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। lok sabha election results 2019 ईवीएम पर शंका-आशंका को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की भावी सियासी तस्वीर क्या होगी, इसका फैसला गुरुवार को हो जाएगा। देश के 90 करोड़ वोटरों में से 60 करोड़ से ज्यादा ने अगले पांच साल के लिए किसे अपना भाग्यविधाता चुना है, इस पर से भी पर्दा उठ जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी और विपक्ष के बीच करीब दो माह चली चुनावी जंग में किसे मिलेगा ताज और कौन होगा सरताज, यह भी साफ होगा। वहीं, परिणाम अनुकूल नहीं आने पर विपक्षी नेताओं के हिंसा के भड़काऊ भाषणों को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) को भेजे पत्र में गुरुवार को हिंसा की आशंकाओं को देखते हुए सतर्क रहने को कहा है।

चूंकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह से राज्य सरकार के अधीन है, इसीलिए राज्य सरकारों को मतगणना के दिन भी इसे बनाए रखने को कहा गया है। डीजीपी और मुख्य सचिवों से मतगणना केंद्रों के पास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रखने को कहा गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके।

लोकसभा चुनाव के तहत देशभर में 542 संसदीय सीटों हुए मतदान की गिनती गुरुवार को सुबह आठ बजे शुरू होगी। पहली बार ईवीएम गणना के साथ मतदाता सत्यापित पेपर ऑडिट पर्चियों (वीवीपैट) का मिलान किए जाने के कारण, देर शाम तक परिणाम आने की संभावना है।

सात चरणों में सपन्न हुआ मतदान
2019 का लोकसभा चुनाव सात चरणों में लड़ा गया। 11 अप्रैल को पहले चरण के लिए वोट डाले गए तो 19 मई को आखिरी चरण का मतदान हुआ। पहले चरण में 91, दूसरे में 97, तीसरे में 117, चौथे में 71, पांचवें में 51 और छठे-सातवें में 59-59 सीटों पर वोट डाले गए। 543 सीटों में से कुल 542 सीटों पर ही मतदान हो पाया था, तमिलनाडु की वेल्लोर सीट पर सुरक्षा कारणों की वजह से मतदान टाला गया था।

8000 से अधिक प्रत्याशी मैदान में
542 सीटों पर 8000 से अधिक प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सात चरणों में हुए मतदान में 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। भारतीय संसदीय चुनाव में यह सबसे अधिक मतदान है।

पहली बार EVM औऱ VVPAT पर्ची का होगा मिलान
लोकसभा चुनाव में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के परिणामों का मिलान पेपर ट्रेल मशीनों से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। यह मिलान प्रति विधानसभा क्षेत्र में पांच मतदान केंद्रों में होगा। चुनाव आयोग ने अभी तक गुरुवार को होने वाली मतगणना के केन्द्रों की संख्या उपलब्ध नहीं कराई है।

सबसे पहले डाक मतपत्रों की होगी गिनती
प्रक्रिया के मुताबिक, सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी। ड्यूटी पर तैनात मतदाताओं (सर्विस वोटर) की संख्या करीब 18 लाख है। इनमें सशस्त्र बल, केन्द्रीय पुलिसबल और राज्य पुलिसबल के जवान शामिल हैं, जो अपने संसदीय क्षेत्र से बाहर तैनात हैं। विदेश में भारतीय दूतावासों में पदस्थ राजनयिक और कर्मचारी भी सेवा मतदाता हैं। इन 18 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 16.49 लाख ने 17 मई को अपने अपने रिटर्निंग अधिकारियों को डाक मतपत्र भेज दिए थे। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि हाथों से डाक मतपत्रों को गिनने में कम से कम कुछ घंटे का समय लगेगा। पेपर ट्रेल मशीनों से निकलने वाली पर्चियों को अंत में गिना जाएगा।

वेल्लोर लोकसभा सीट पर चुनाव रद
कुल 543 लोकसभा सीटों में से 542 पर चुनाव हुए हैं। वेल्लोर लोकसभा सीट पर धनबल का अत्यधिक उपयोग किए जाने के आधार पर चुनाव आयोग ने चुनाव रद कर दिया था। इस सीट पर चुनाव के लिए नई तारीख का ऐलान नहीं हुआ है। चुनाव लड़ने वाले प्रमुख नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हैं।

फिर मोदी सरकार से लेकर भाजपा की हार का भी दावा
एग्जिट पोल में फिर एक बार मोदी सरकार का स्पष्ट संकेत दिया गया है, विपक्ष इसे खारिज कर रहा है। उसका दावा है कि बेरोजगारी, कृषि संकट व अर्थव्यवस्था ठप होने से नतीजे भाजपा के खिलाफ आएंगे। इन्हीं दावों प्रतिदावों से पर्दा नतीजों के साथ उठ जाएगा।

चौकीदार चोर, भ्रष्टाचारी नंबर-1और खाकी अंडरवियर बने मुद्दे
संभवत: सबसे कटूतापूर्ण माहौल में हुए इन चुनावों में कई बार शर्मनाक स्थिति भी बनी। जहां पीएम के खिलाफ चौकीदार चोर है जैसे नारे लगवाए गए वहीं पलटवार में भ्रष्टाचारी नंबर 1 का मुद्दा आया। खाकी अंडरवियर जैसी टिप्पणी ने बहस के स्तर को और गिरा दिया।

20,600 पोलिंग बूथ की पर्चियों का होगा मिलान
- पहली बार प्रत्येक संसदीय क्षेत्र के हर एक विधानसभा क्षेत्र के पांच-पांच पोलिंग बूथ की ईवीएम में दर्ज वोटों की गिनती वीवीपैट मशीन की पर्चियों से होगी।
-- देश में कुल 10.3 लाख मतदान केंद्र (पोलिंग बूथ) बनाए गए थे, इसलिए 20,600 बूथों की पर्चियों से मिलान होगा।
-- यदि गड़बड़ी मिली तो पर्चियों के आधार पर की गई गणना अंतिम मानी जाएगी।
-- ईवीएम व पर्चियों के मिलान की समूची प्रक्रिया के कारण नतीजे आने में चार से पांच घंटे का विलंब होगा।

अब तक के सर्वाधिक 67.11 फीसद वोट पड़े
चुनाव आयोग के अनुसार इस बार संसदीय चुनाव में 67.11 फीसदी वोट पड़े हैं, जो अब तक के मतदान में सर्वाधिक हैं।

हार के डर से निराश विपक्ष बना रहा ईवीएम को मुद्दा : शाह
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह विश्व में भारत व उसके लोकतंत्र की छवि खराब कर रहा है। अपनी पराजय के डर से निराश होकर वह ईवीएम को मुद्दा बना रहा है। उन्होंने कहा कि मतगणना प्रक्रिया बदलने की 22 विपक्षी दलों की मांग असंवैधानिक है। सभी दलों की सहमति के बगैर वीवीपैट पर्चियों से ईवीएम का मिलान पहले नहीं कराया जा सकता। शाह ने विपक्ष से छह सवाल भी किए और पूछा कि पूर्व में कभी न कभी ईवीएम के जरिए जीते विपक्षी दलों ने सत्ता क्यों ग्रहण की थी? जब भी विपक्ष हारने लगता है तो वह ईवीएम को मुद्दा बनाने लग जाता है।

..ईवीएम व एग्जिट पोल पर जुबानी जंग जारी
-विपक्ष चुनाव प्रणाली में रोड़ा डालना चाहता है, जबकि यह ग्लोबल ब्रांड बन सकती है। वह ईवीएम पर अनावश्यक शंका कर रहा है।
-राजनाथ सिंह, गृहमंत्री

-वे हार का बहाना ढूढ़ रहे हैं। पंजाब व तीन अन्य राज्य जीते तब उन्होंने ईवीएम को दोष क्यों नहीं दिया?
-राम विलास पासवान, लोजपा प्रमुख

-एग्जिट पोल फर्जी हैं, उनसे निराश ना हों। अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण हैं, कांग्रेस कार्यकर्ता चौकन्ने रहें। कांग्रेस व खुद पर भरोसा रखें। कड़ी मेहनत बेकार नहीं जाएगी।
-राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

-चुनाव आयोग पंगु और ईवीएम बन गई हैं-इलेक्शन विक्ट्री मशीन। आयोग ने कांग्रेस की 15-20 शिकायतें बिना कारण बताए खारिज कर दीं।
-अभिषेक मनु सिंघवी, कांग्रेस प्रवक्ता

-वीवीपैट की पर्चियों का पहले मिलान नहीं कराने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। यदि प्रक्रिया इतनी लंबी होने वाली है तो आयोग सैंपल के पहले मिलान के मूल सिद्धांत को क्यों नहीं मान रहा है।
-सीताराम येचुरी, माकपा महासचिव

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Posted By: Sanjeev Tiwari