मुरादाबाद, जेएनएन। लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी सर्वेश कुमार सिंह की करारी हार से एक बार फिर गुटबाजी उजागर हुई है। इतना तय है कि पार्टी और भाजपा प्रत्याशी के बीच मतभेद था। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना के बाद संगठन में मतभेद सामने आते रहे, हालांकि पार्टी इसको मैनेज करती रही। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री की रैली, उसमें खर्चे की बात संगठन से बाहर आई थी। पंचायती राज एवं लोक निर्माण राज्यमंत्री भूपेंद्र सिंह, शहर विधायक, कांठ विधायक से भले ही सार्वजनिक स्थानों पर सामंजस्य दिखता हो, असल में सबकुछ ठीक नहीं था। यह बात संगठन को भी पता थी। यही कारण है पार्टी संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने प्रत्याशी को जिताने के लिए निर्देश दिए थे।

पिछले चुनाव में कुंवर सर्वेश ने हराया था एसटी हसन को

पिछली बार सर्वेश कुमार सिंह ने डॉ. हसन को 87,504 मतों से हराया था। इस बार डा. हसन ने भाजपा प्रत्याशी सर्वेश सिंह को 97,878 मतों से पराजित किया। उनको कुल 6,49,416 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी सर्वेश सिंह को 5,51,538 मत मिल सके। नगर विधानसभा से मिली लीड भी जीत नहीं दिला सकी। उनके बेटे विधायक सुशांत सिंह की विधानसभा बढ़ापुर में भी जीत हासिल नहीं हो सकी। मुरादाबाद लोकसभा सीट के लिए भाजपा ने दिग्गजों की फौज का उतारा था। जिला प्रभारी डीके शर्मा, लोकसभा प्रभारी महेंद्र सिंह धनौरिया, जिलाध्यक्ष हरिओम शर्मा, महानगर अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता, एलएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त कोर कमेटी में शामिल थे।

महापौर और लोकसभा संयोजक विनोद अग्रवाल के साथ अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे। इसके अलावा प्रत्येक बूथ तक संगठन तैनात था। एक तरफ संगठन और दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी थे। संगठन और भाजपा प्रत्याशी के बीच सामंजस्य कभी धरातल पर नहीं दिखा। शहर विधायक रितेश गुप्ता सवा लाख से अधिक वोट मिले थे। दो वर्ष बाद वोट बढ़े, लेकिन मत नहीं बढ़ सके। महापौर को शहर से 95 हजार वोट मिले थे। वे सिर्फ 23 हजार से जीते थे। पूर्व सांसद की अपनी विधानसभा के अलावा अपनी खुद की विधानसभा ठाकुरद्वारा में भी गठबंधन प्रत्याशी ने ज्यादा वोट हासिल किए।

जिन पर था भरोसा, उन्हीं से मिला धोखा: सर्वेश

भाजपा प्रत्याशी कुंवर सर्वेश सिंह ने अपनी हार के कारण बताते हुए कहा कि उन्होंने जिन लोगों पर भरोसा किया था, उन्हीं लोगों ने धोखा दे दिया। बीते पांच सालों में बिना भेदभाव के सभी क्षेत्रों में विकास कार्य किए हैं। कभी किसी कार्य में जाति-धर्म की सोच को आगे नहीं रखा है। इस चुनाव में मुस्लिम और जाटव समाज से वोट मिलने का भरोसा था, लेकिन वह मुझे नहीं मिला। इसके चलते हार हुई है। यह तो राजनीति है, हार-जीत तो बनी रहती है। जनता ने बीते पांच सालों में जो स्नेह मुझे दिया है, जिन कार्यकर्ताओं ने इस चुनाव में मेहनत ही उनका धन्यवाद देता हूं।

विधानसभा      भाजपा                    गठबंधन प्रत्याशी

नगर           1,40,598                 1,29,381

देहात           84,873                   1,29,381

कांठ            99,384                    1,45,103

ठाकुरद्वारा     1,17,898                1,32,294

बढ़ापुर          1,06,976                1,17,668

कुल मत         549729                 6,48,817

क्या बोले भाजपा नेता

पंचायती राज राज्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा क‍ि  जनता के निर्णय को स्वीकार करते हैं। जो कमी रह गई है। उसको बैठकर देखा जाएगा। हार की समीक्षा होगी। महापौर एवं लोकसभा संयोजक विनोद अग्रवाल ने कहा क‍ि कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत की है। अपने क्षेत्र से भरपूर वोट मिला है। कहीं न कहीं कमी रह गई है, उसको बैठकर देखा जाएगा। हार की समीक्षा करेंगे। शहर विधायक रितेश गुप्ता ने कहा क‍ि जनता के जनादेश को मंजूर करते हैं। पूरे देश में मोदी को लोगों ने पसंद किया है, कहां हम पिछड़े, उसको देखा जाएगा। कांठ विधायक राजेश चुन्नू ने कहा क‍ि कांठ विधानसभा में मुझे 76 हजार वोट मिले थे। इस बार 99 हजार से अधिक वोट मिला है। इतना ही वोट क्षेत्र में भाजपा का है। भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम शर्मा का कहना है क‍ि जब मैंने विधानसभा चुनाव लड़ा था, तब 70 हजार वोट मिले थे। इस बार 84 हजार से अधिक वोट मिला है। समीकरण बिगड़ गए। इसलिए पराजय मिली।

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Posted By: Narendra Kumar

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