अजमेर, (पुलकित संतोष गुप्ता)। आम चुनाव की घोषणा के साथ ही जिला निर्वाचन विभाग ने अजमेर लोकसभा क्षेत्र में चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। लोकसभा क्षेत्र के 8 विधान सभा क्षेत्रों में 18 लाख 62 हजार 158 मतदाता कुल 1951 बूथों पर मतदान का उपयोग करेंगे। इस बार लोकसभा चुनाव में निर्वाचन विभाग द्वारा वितरित की जाने वाली मतदाता पर्चियों के साथ फोटोयुक्त पहचान पत्र भी ले जाना होगा। फोटो पहचान पत्र के अभाव में मतदाता को मत नहीं देने दिया जाएगा।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी आनन्दी लाल वैष्णव ने कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया एवं राजनीतिक दलों के साथ बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन 2 अप्रेल को किया जाएगा। चुनाव लड़ने के इच्छुक अभ्यर्थी 9 अप्रेल तक नामांकन पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की समीक्षा 10 अप्रेल को होगी तथा 12 अप्रेल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 29 अप्रेल को मतदान होगा। मतगणना 23 मई को की जाएगी। लोकसभा क्षेत्र में 27 मई तक आचार संहिता रहेगी।

वैष्णव ने बताया कि लोकसभा क्षेत्र में 1862158 मतदाता अपने मत का उपयोग करेंगे। लोकसभा क्षेत्र में 3276 सर्विस वोटर्स है। लोकसभा क्षेत्र में दूदू विधानसभा क्षेत्र में 233099, किशनगढ़ में 267257, पुष्कर में 234189, अजमेर उत्तर में 201575, अजमेर दक्षिण में 203228, नसीराबाद में 219548, मसूदा में 257903, केकड़ी में 245359 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे।

इपिक कार्ड के साथ 11 अन्य दस्तावेजों से करें मतदान

उन्होंने बताया कि लोकसभा आम चुनाव-2019 में मतदाता केवल वोटर स्लिप के आधार पर मतदान नहीं कर सकेंगे। मतदान के लिए मतदाता को इपिक कार्ड (मतदाता फोटो युक्त पहचान पत्र) दिखाना होगा। इपिक कार्ड नहीं होने की स्थिति में 11 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाने पर ही मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।

आयोग के निर्देशानुसार इस बार के लोकसभा चुनाव में इपिक कार्ड के अलावा पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंंस, राज्य या केंंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, पब्लिक लिमिटेड कंंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैकों या डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, पेन कार्ड, आरजीआई एवं एन.पी.आर द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, विधायकों, सांसदों को जारी किए सरकारी पहचान पत्र या आधार कार्ड में से कोई एक दस्तावेज को मतदान करते समय दिखाना जरूरी होगा।

मतदाता पर्ची पहचान का आधार नहीं मानी जाएगी। उन्होेंने राजनीतिक दलाें के प्रतिनिधियों से भी कहा कि लोकसभा चुनाव स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न करवाने में राजनैतिक दल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि सभी दल अपनी-अपनी जनसभाओं, रैलियों, वाहन आदि के संबंध में प्रशासनिक स्तर पर ली जाने वाली समस्त प्रकार की अनुमतियां समय रहते प्राप्त कर सहयोग प्रदान करें।

नामांकन दाखिल होने के 10 दिन पहले तक वोटर जुड़वा सकते हैं नाम

उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में नहीं छूटे इसके लिए नामांकन दाखिल होने के दस दिन पहले तक नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजनैतिक दल लोकसभा क्षेत्रों में बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) को सक्रिय बनाएं ताकि वे भी अपने-अपने क्षेत्र के पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने में सहयोग करे।

उन्होंने कहा कि आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत मय फोटो, वीडियो आदि के निर्वाचन आयोग के सी-विजिल-एप में की जा सकती है, जिससे इन पर 100 मिनट की अवधि में कार्यवाही की जा सके। इस मौके पर राजनीतिक दल से इण्डियन नेशनल कांग्रेस के मुज्जफर भारती तथा श्याम प्रजापति, बीएसपी के जगदीश बैरवा उपस्थित थे।  

Posted By: Preeti jha

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