जम्मू, जेएनएन। लोकसभा चुनाव के महापर्व में आज अंतिम आहुति डाली जा रही है। दुनिया में बर्फीले रगिस्तान से मशहूर लद्दाख में सुबह शुरू मतदान प्रक्रिया में उत्साह कम देखने को मिला परंतु ग्यारह बजे के बाद जैसे मौसम खुला मतदान केंद्रों में वोट डालने वालों की कतारें लगना शुरू हो गई। लेह और कारगिल में महिला, पुरुष चाहे वे युवा हों या वृद्धि हर कोई मतदान करने के लिए पहुंचा। मतदान को लेकर उनमें कितना उत्साह था, इस बात का अंदाजा इससे भी हो जाता है कि मतदान केंद्रों के बाद बनाए गए सेल्फी स्टेंड पर इन मतदाताओं ने उंगली पर लगी स्याही दिखाते हुए सेल्फी व मोबाइल फोटोग्राफ भी लिए।

मतदान केंद्रों पर पहुंचने वाले बुजुर्गों ने जहां जम्मू, कश्मीर की तरह लद्दाख में समान विकास की बात कही तो वहीं पहली बार वोट डालने वाले युवाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ अन्य मूलभूत सुविधाओं का समान अधिकार मांगा। इन्हीं मुद्दों के हल के लिए लद्दाख व कारगिल में मतदान जोरशोर से हो रहा है। अभी तक लगभग सभी मतदान केंद्रों पर चालीस प्रतिशत से अधिक मतदान हो चुका है।

लद्दाख की व्योवृद्ध 93 वर्षीया महिला सोनम डेसगेट ने अपना वोट लद्दाख के विकास, गरीबों के उत्थान के लिए डाला। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में देश भर में मशहूर यह संभाग आज भी बेहतर सुविधाओं के लिहाज से पिछड़ा हुआ है। इसके विकास के लिए बेहतर सरकार, अच्छे नेता का सत्ता में होना बहुत जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने अपना वोट डाला। उन्होंने दूसरे लोगों से भी मतदान की इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इसी उद्देश्य के साथ 73 वर्षीय हरीश ने भी अपना वोट डाला।

इसी तरह रिनचिन, 33 वर्षीय राहुल, पासके, रिनचेन, च्वांग स्टेनजिन, सरिआमो, रिगजिन नाेरबे सहित अन्यों ने लद्दाख में शिक्षा के विस्तार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं की आशा के साथ अपना वोट डाला। वहीं आइस हॉकी के पूर्व कप्तान तुनदुप नामग्याल ने संभाग में खेल सुविधाओं में बढ़ोतरी की मांग के साथ अपना वोट डाला। उन्होंने कहा कि अभी लद्दाख में बहुत कुछ किया जाना बाकी है। यहां के लोग अभी भी सुविधाओं के मामले में काफी पिछड़े हुए हैं। केंद्र में आने वाली सरकार ये लद्दाख निवासियों की यही उम्मीद रहेगी कि वे इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालें।

वहीं पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे स्टेंजिन ओतसल, अरशद लतीफ, अंसार हुसैन, ताशी ने कालेजों में शिक्षा ढांचे को मजबूत बनाने, स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी करने की बात कही। इन युवाओं ने कहा कि राजनीतिक दलों ने इस संभाग की हमेशा से ही अनदेखी की है। अब कुछ हद तक बेहतर कार्य हुए हैं। उम्मीद है कि केंद्र में सत्ता में आने वाली सरकार इसी तरह लद्दाख के लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेगी और उन्हें हल करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी। अगले पांच सालों में लद्दाख में विकास की गति और तेज होगी।  

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Rahul Sharma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप