जम्मू, राज्य ब्यूरो। लद्दाख संसदीय सीट के लिए भाजपा व कांग्रेस से लेह के नेताओं को उम्मीदवार बनाने से कारगिल की नाराजगी चुनाव के समीकरण बिगाड़ सकती है। लद्दाख जीतने के लिए राजनीतिक सरगर्मियों में तेजी के चलते मंगलवार दोपहर भाजपा के उम्मीदवार जामियांग सीरिंग नाम्गयाल ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। जामियांग भाजपा की लेह हिल डेवेलपमेंट काउंसिल के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसिलर भी है। लद्दाख के मौजूदा सांसद थुप्स्तन छिवांग के नाराज होकर इस्तीफा देने के बाद उन्हें न मना पाई भाजपा ने मजबूरी में जामियांग को उम्मीदवार बनाया है।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू, भाजपा के राष्ट्रीय उपाघ्यक्ष अविनाश राय खन्ना के साथ जामियांग दोपहर दो बजे के करीब नामांकन पत्र भरने के लिए रिट्रनिंग अधिकारी अवनी लवासा के समक्ष नामांकन पत्र भरने के लिए पहुंचे। किरण रिजिजू सुबह आठ बजे लेह पहुंचे थे। उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ बैठक भी की। वह दोपहर को कार्यकर्ताओं की खासी भीड़ वाली रैली के साथ दोपहर को डीसी कार्यालय पहुंचे। जामियांग ने भाजपा के उम्मीदवार ताे भाजपा के लेह जिला प्रधान आंगचुक दोरजे ने कवरिंग केंडीडेट के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर भाजपा के लद्दाख प्रभारी व एमएलसी विक्रम रंधावा भी मौजूद थे।

इसी बीच नामांकन पत्र भरने के छठे दिन अब तक सिर्फ नामांकन पत्र भरे गए हैं। कारगिल जिले से अभी किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन पत्र नही भरा है। नामांकन पत्र भरने के लिए अब सिर्फ दो दिन ही बचे हैं। ऐसे में क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक असगर करबलई बागी उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र भरने की तैयारी कर रहे हैं। उनके मैदान में उतरने से कांग्रेस के लिए मुश्किल हो सकती है। इस बार कारगिल की कांग्रेस इकाई पूरी कोशिश कर रही थी कि सीट के लिए उनमें से उम्मीदवार बनाया जाए। ऐसे में रिगजिन स्पालबार को उम्मीदवार बनाने के बाद अंतर्कलह सतह पर आ गई।

वही दूसरी संसदीय सीट पर खासा प्रभाव रखने वाले शिया मुस्लिमों के संगठन इस्लामिया स्कूल व नेशनल कांफ्रेंस के बीच कोई सहमति नही बन पा रही है। जिस उम्मीदवार को इस्लामिया स्कूल का समर्थन मिलता है, संसदीय चुनाव में उसकी स्थिति मजबूत हो जाती है। वैसे भी भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवार लेह जिले से होने के कारण वोट विभाजित होंगे व एेसे में कारगिल का पलड़ा भारी रह सकता है।

उनके साथ कारगिल से कई अन्य उम्मीदवारों का भी निर्देलीय रूप से चुनाव मैदान में उतरना तय है। क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार सज्जाद कारगिली ने मंगलवार को जिले के धार्मिक संगठनों के समर्थन में निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी।  

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Posted By: Rahul Sharma