रांची, राज्य ब्यूरो। Lok Sabha Election 2019 - राज्य सरकार सीएनटी-एसपीटी एक्ट के दायरे में आने वाली 54 जातियों की जमीन पर भी लोन की सुविधा प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ईचागढ़ के लुपुगडीह में मंगलवार को चुनावी जनसभा में कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ने मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। इसपर अनुशंसा आने के बाद सरकार निर्णय लेगी ताकि इस जमीन के दायरे में आने वाली जातीय समूहों को बैंक से व्यापार, शिक्षा व अन्य कार्यों के लिए लोन मिल सके। इसके लिए सरकार गारंटर बनेगी। सरकार के गारंटर बनने की स्थिति में बैंकों को लोन देने से गुरेज नहीं होगा। फिलहाल सीएनटी-एसपीटी के दायरे में आने वाली जमीन पर बैंक से लोन नहीं मिलता है। नियम बनने के बाद यह प्रक्रिया सरल हो जाएगी। 

जल्द फैसला लेगी सरकार, कमेटी देगी रिपोर्ट
सीएनटी-एसपीटी के दायरे में आने वाली जमीन पर लोन की सुविधा नहीं मिलती है। इससे जमीन रहते हुए आदिवासी और मूलवासी समुदाय के लोग विकास नहीं कर पाते। इसी को ध्यान में रखते हुए कमेटी बनाई गई है। कमेटी के गठन की स्वीकृति ट्राइबल एडवाइजरी कौंसिंल ने दी है। इसकी अनुशंसा के आलोक में लोन देने का निर्णय सरकार करेगी। सरकार का प्रयास इस स्तर पर है कि सीएनटी-एसपीटी के दायरे में आने वाली 54 जातियों का जीवन स्तर ऊंचा उठ सके। जानकारी के मुताबिक लोकसभा चुनाव की समाप्ति के तुरंत बाद इसपर अमल करने की दिशा में राज्य सरकार आगे बढ़ेगी। इसका फायदा जनजातीय समूहों को मिलेगा और वे आर्थिक तौर पर उन्नत होंगे। 

गरीबों के नाम पर मतपेटी भरती है कांग्रेस
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों को ठगने का कार्य किया है। छत्तीसगढ़ में किसानों को कांग्रेस ने ठगा है। जबकि 2014 के बाद किसानों के आर्थिक उन्नयन के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना से आच्छादित किया, जिसका लाभ किसानों को मिल भी रहा है। राज्य सरकार भी मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत 22 लाख 76 हजार किसानों को लाभान्वित करेगी। सरकार का मानना है जब तक अन्नदाता समृद्ध नहीं होंगे, गांव समृद्ध नहीं होगा तबतक देश समृद्धि की ओर अग्रसर नहीं होगा। भाजपा सरकार ने महज साढ़े चार साल में गरीबी उन्मूलन हेतु योजनाओं को धरातल उतारा है। 

विस्थापन कांग्रेस के कारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विस्थापन की समस्या पुरानी है। मोदी सरकार के शासनकाल में विस्थापन की समस्या नहीं आई है। कांग्रेस की नीति ही ऐसी रही है। चाहे वो बोकारो के विस्थापित हो या मसानजोर के विस्थापित। मसानजोर की विडंबना देखें कि गांव डूबा झारखंड का और पानी मिल रहा है बंगाल को। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह कांग्र्रेस की कैसी नीति है? 

Posted By: Alok Shahi

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