उदयपुर, सुभाष शर्मा। वल्लभनगर से पूर्व विधायक रणधीर सिंह भींडर के नेतृत्व वाली जनता सेना ने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। इसी के साथ भींडर के चित्तौडग़ढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलों को विराम लग गया है।

विधानसभा चुनाव के बाद से ही जनता सेना की चित्तौडग़ढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा थी। जनता सेना के सुप्रीमो ने पार्टी के होली मिलन समारोह में प्रत्याशी तय करने की बात कही थी। जनता सेना ने श्रीसांवलिया धाम में होली मिलन समारोह आयोजित किया। जिसमें चित्तौडग़ढ़ से लोकसभा चुनाव लडऩे की चर्चा भी की गई। समारोह में शामिल अधिकांश पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सुझाव दिया कि जनता सेना को लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए।

इसके बाद जनता सेना सुप्रीमो रणधीरसिंह भींडर ने चुनाव से दूरी बनाए रखने की घोषणा कर दी। हालांकि उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में वह तय करेंगे कि किस पार्टी को इस लोकसभा चुनाव में अपना समर्थन करें। पिछले लोकसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आग्रह के बाद जनता सेना ने भाजपा प्रत्याशी सीपी जोशी को समर्थन दिया था। भींडर का कहना है कि सांसद बनने के बाद जोशी बदल गए और इस बार वह जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेंगे। समारोह में जनता सेना के संभाग प्रभारी हरिसिंह चौहान, मांगीलाल जोशी, भींडर प्रधान रेखा कुंवर, कुराबड़ उप प्रधान जोगेंद्र पटेल सहित पार्टी से जुड़े कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। समारोह से भींडर की पत्नी और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष दीपेंद्र कुंवर ने दूरी बनाए रखी।

भींडर बोले चुनाव भले नहीं लडें, जीत-हार में होगी भूमिका

जनता सेना सुप्रीमो रणधीरसिंह भींडर ने कहा कि भले ही जनता सेना लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रही लेकिन जीत-हार में हमारी बड़ी भूमिका होगी। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के सीपी जोशी की जीत में जनता सेना का बड़ा योगदान था। इस बार जनता सेना किसे समर्थन करेगी, इसको लेकर उनके कार्यकर्ता तय करेंगे। इसके लिए आगामी दिनों में बैठक बुलाई गई है। भाजपा को राहत, मुश्किल फिलहाल नहीं टली जनता सेना के लोकसभा चुनाव नहीं लडऩे से भाजपा को चित्तौडग़ढ़ लोकसभा सीट पर राहत मिली है। हालांकि उनकी मुश्किल अभी कम नहीं हुई है। जनता सेना ने पिछली बार वसुंधरा राजे के आग्रह पर भाजपा के सीपी जोशी को समर्थन दिया था और जोशी कांग्रेस प्रत्याशी तथा तत्कालीन सांसद डॉ. गिरिजा व्यास से बड़े अंतर से विजयी रहे। इस बार हालात विपरीत हैं।

जनता सेना कार्यकर्ताओं की जोशी से नाराजगी भी चल रही है। बावजूद इसके माना जा रहा है कि यदि वसुंधरा राजे जनता सेना सुप्रीमो से आग्रह करेंगी तो वह भाजपा को समर्थन दे सकती है। गौरतलब है कि वल्लभनगर में जनता सेना ने भाजपा को हांसिए पर धकेल दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में वल्लभनगर विधानसभा में

कांग्रेस और जनता सेना के बीच ही मुकाबला हुआ था। जबकि भाजपा तीसरे नंबर पर आई।

कटारिया से दुश्मनी जगजाहिर

जनता सेना सुप्रीमो रणधीरसिंह भींडर की भाजपा की बजाय विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया से राजनीतिक दुश्मनी जगजाहिर है। कटारिया के पिछले दिनों अडिण्दा पाश्र्वनाथ में जनता सेना को जड़मूल से खत्म करने की बात से भींडर खासे खफा हैं। इसलिए राजनीति से जुड़े लोग मान रहे हैं कि कटारिया की राजनीतिक दुश्मनी वल्लभनगर क्षेत्र में भाजपा के लिए भारी पड़ सकती है।

Posted By: Preeti jha

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