चंदौली, [राकेश श्रीवास्तव]। यूं ही इंदिरा जी को आयरन लेडी नहीं कहा जाता था। 1974 में जिन लोगों ने उन्हें देखा उनके नेतृत्व को जनादेश देने के लिए दीवाने हो उठे। दरअसल, प्रधानमंत्री रहने के दौरान हेलीकॉप्टर से उतरीं तो दौड़ते हुए मंच पर जा चढ़ीं थीं। प्रधानमंत्री की कुर्सी पर आसीन रहते उनकी ऊर्जा देख पब्लिक ने चंदौली में पंजे को मजबूत किया तो यूपी में कांग्रेस की सरकार बनी। हाईकमान ने सूबे में पंडित कमलापति की जगह हेमवती नंदन बहुगुणा को मुख्यमंत्री बनाया था।

देश में 1971 के लोकसभा सभा चुनाव में इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनीं थी। यूपी में भी उस समय कांग्रेस की ही सरकार थी। 1974 में चुनाव हुआ तो इंदिरा जी का उडऩखटोला उतरा था। उन्हें सुनने को महेंद्र टेक्निकल इंटर कॉलेज में लोगों की भीड़ उमड़ी थी। हेलीकॉप्टर से उतरीं तो उन्हें देख कर लोग समर्थन में नारेबाजी करने लगे। इंदिरा जी दौड़ लगाते करीब 100 मीटर दूर स्थित मंच पर पहुंच गईं। उन्हें सुनने को लोगों में इतनी बेसब्री रही कि जबरदस्त शांति में सिर्फ प्रधानमंत्री की बातें ही गुंजायमान हो रहीं थीं।

चश्मदीद रहे सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता मुरली मनोहर लाल (तत्कालीन पॉलिटेक्निक छात्र)। हालांकि, इंदिरा जी ने भाषण में क्या कहा? ज्यादा कुछ नहीं बता पाए। दिमाग पर जोर देते बोले कि हेलीकॉप्टर से इंदिरा जी उतरीं तो दौड़ लगाते मंच पर जा पहुंची थी। उसके बाद देश में इमरजेंसी लग गई। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता वीरेंद्र नारायण सिंह उर्फ चुनमुन के मुताबिक इंदिरा जी विलंब से पहुंचीं थीं। उनके बड़े भाई एवं तत्कालीन एमएलसी ईश्वर शरण सिंह उर्फ भाई जी साढ़े चार घंटा तक पब्लिक को संबोधित किए थे। 1977 में देश में यूपी-विधानसभा के चुनाव एक साथ हुए तो जनादेश जनता पार्टी को मिला। देश में प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई ने बागडोर संभाली उस चुनाव में यूपी का भी तख्तापलट हो गया था।

Posted By: Abhishek Sharma