साहिबगंज, धनंजय मिश्र। प्रदूषण की मार से गंगा मैया भी लाचार हो रही है। राजमहल की पहाडिय़ों की रक्षा एवं पहाड़ों पर रहने वाले विलुप्त प्राय आदिम जन जातियों की खुशहाली के लिए ब्रिटिश शासन काल में संतालपरगना टेनेंसी एक्ट लागू किया गया था। इस एक्ट के तहत आदिवासियों एवं आदिम जन जातियों की जमीन की खरीदी-बिक्री नहीं हो सकती और न ही लीज पर दिया जा सकता है। लेकिन सरकारी अमलों ने अपने तरीके से इसका उल्लंघन कर दशकों से जमीन को लीज पर देना शुरु किया। इससे प्रदूषण की मार न केवल पहाड़ी से लेकर गंगा तट तक रहने वाले आदिम जन जातियों पर पड़ी, बल्कि साहिबगंज से गुजरी गंगा नदी को भी झेलनी पड़ रही है।

राजमहल लोकसभा क्षेत्र में मिर्जा चौकी से लेकर कोटालपोखर और पाकुड़ तक चल रहे अवैध क्रशरों से गंगा किनारे तक प्रदूषण फैल रहा है। गंगा को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए हरियाली लाने की योजना भी कारगर साबित नहीं हो पा रही है। स्टोन चिप्स एवं डस्ट का स्टोरेज के कारण गंगा का आंचल साफ नहीं हो पा रहा है। इसे रोकने के लिए बना जिला टास्क फोर्स भी कारगर कार्रवाई नहीं कर रहा है।

आठ स्थानों पर पत्थर व चिप्स का अवैध कारोबार : गंगा के किनारे आठ स्थानों पर पत्थर व चिप्स का अवैध कारोबार फैला है। गीलामारी, बेलभदरी एवं चार नंबर में दर्जनों की संख्या में अवैध पत्थर खदान व क्रशर चल रहे हैं। अभी हाल में गंगा एवं पहाड़ के पर्यावरण को खतरे में देखते हुए एनजीटी यानि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण साहिबगंज के डीसी, एसपी व डीएमओ को दो- दो लाख जुर्माना लगा चुकी है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की टीम साहिबगंज जिले का दौरा भी कर चुकी है।

साहिबगंज जिले में 83 किलोमीटर भू भाग से गुजरती है गंगा नदी : साहिबगंज जिले में 83 किलोमीटर भू-भाग से गंगा नदी गुजरती है। गंगा किनारे को स्वच्छ बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी गंगा जल को पीने लायक नहीं बनाया जा सका है। गंगा की मेन धारा जो पहले साहिबगंज होकर गुजरती थी, लेकिन गंगा ने इस किनारे अपना मुहाना बंद कर दिया है। गंगा के कैचमेंट क्षेत्र में अवैध पत्थर कारोबारियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। गंगा नदी साहिबगंज शहर के आसपास के क्षेत्र से कहीं दो किलोमीटर तो कहीं 500 मीटर दूर चली गई है। गंगा से कुछ किलोमीटर की दूरी पर मिर्जाचौकी से लेकर महादेवगंज तक पत्थर व्यवसायी पत्थर का अवैध कारोबार कर रहे हैं। मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के गीलामारी, बेलभदरी एवं चार नंबर में दर्जनों की संख्या में अवैध पत्थर खदानों व क्रशरों का संचालन किया जा रहा है। गढ़ी मौजा, महादेवगंज व कोदरजन्ना के आसपास भी अवैध खदान एवं क्रशरों का संचालन किया जा रहा है। गंगा स्वच्छता को लेकर कागज पर ही जागरूकता अभियान चल रहा है। गरमटोला गंगा घाट, लालबथानी गंगा घाट, चानन गंगा घाट, मदनशाही गंगा घाट, सकरीगली सुकर बाजार गंगा घाट, सरकंडा गंगा घाट, सुकसेना गंगा घाट तथा राजमहल व उधवा के गंगा घाटों पर भी बड़े बड़े नाव से अवैध पत्थर का कारोबार फल फूल रहा है।

राज्य सरकार एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर राजमहल की पहाडिय़ों में खनन करवा रही है। सालों से जमीन को लीज पर दिया जा रहा है। कुछ दबंग व्यवसायी व पत्थर माफिया हैवी ब्लाङ्क्षस्टग भी कर रहे हैं। इससे राजमहल की पहाडिय़ों की हरियाली समाप्त हो रही है। साथ ही गंगा नदी के पर्यावरण व खुबसूरती पर भी असर पड़ रहा है। प्रशासन को गंगा की सफाई की कोई ङ्क्षचता नहीं है। उलटे अवैध कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसलिए तुरंत पहाड़ों पर बेतरतीब खनन बंद होना चाहिए।

सैयद अरशद नसर, सामाजिक कार्यकर्ता, साहिबगंज

जिला प्रशासन गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने का दिखावा कर रही है। गंगा किनारे दर्जनों स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर स्टोन चिप्स जमा किया जा रहा है। खुलेआम गंगा के रास्ते अवैध कारोबार कर गंगा को मैला किया जा रहा है। इस रोकने को लेकर प्रशासनिक संजीदगी नहीं दिख रही है। मैली गंगा को साफ करने का प्रयास करने वाले खुद गंगा को मैला कर रहे हैं। गंगा को अपने ही मैला करने पर तुले हैं। गंगा नदी को स्वच्छ रखने के लिए गंगा किनारे अवैध पत्थर कारोबार बंद होना चाहिए।

-शिव प्रसाद ठाकुर, जिला अध्यक्ष गंगा महासभा, साहिबगंज

जिले में पत्थर के अवैध कारोबारियों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जाता है। जिला टास्क फोर्स की ओर से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। गंगा किनारे के तकरीबन सभी अवैध घाटों पर अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई की गई है। अगर कहीं भी सूचना मिलती है तो कार्रवाई होती है।

-विभूति कुमार, जिला खनन पदाधिकारी, साहिबगंज

अवैध खदान व क्रशरों के संचालन से मानव जीवन के साथ गंगा नदी के जीव जंतुओं के जीवन पर खतरा मंडराने लगा है। गंगा का पानी रामपुर की तरफ से मुहाना बंद होने के कारण गंदा होता जा रहा है। रामपुर के मुहाने से होकर गंगा की धारा बहने से पहले साफ पानी आता था और उसके बंद होने से पानी गंदा आ रहा है। कई स्थानों पर लोग पैदल चलकर गंगा पार कर रहे हैं। जबकि गंगा किनारे एक सौ मीटर तक पत्थर भंडारण की अनुज्ञप्ति नहीं देनी है। खनन विभाग इसका अनुपालन नहीं कर रहा है। गंगा को दूषित होने से बचाने एवं गंगा के मैला आंचल को साफ करने के लिए प्रशासन की ओर से चल रहा है प्रयास कागजी ज्यादा जमीनी कम है। पैसा कमाने की फिराक में गंगा की अहमियत सभी भूलते जा रहे हैं। शहर एवं आसपास ही नहीं जिले भर में पत्थर कारोबारी गंगा को रौंद कर मैला बना रहे हैं। गंगा की सफाई के लिए प्रशासन को तत्परता से कार्रवाई करनी होगी।

-प्रो. रंजित कुमार सिंह, भूगर्भ विज्ञान विभाग, साहिबगंज कॉलेज 

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: mritunjay