नई दिल्ली, प्रेट्र। लोकसभा चुनावों के परिणाम आने से पहले विपक्ष के सभी नेता एक दूसरे से संपर्क बनाए हुए हैं। अगर राजग बहुमत से दूर रह गया तो वे तुरंत सरकार बनाने का दावा पेश कर देंगे।

सूत्रों ने बताया कि सभी गैर-राजग दल 'देखो और इंतजार करो' की नीति अपनाए हुए हैं। इन दलों के सभी शीर्ष नेता एक दूसरे के संपर्क में है ताकि विपक्ष एकजुट बना रहे। अगर राजग को बहुमत हासिल नहीं हुआ तो विपक्षी पार्टियां राष्ट्रपति को पत्र लिखेंगी और खुद को एक गठबंधन के रूप में पेश करेंगी।

वे राष्ट्रपति पर दबाव डालेंगी कि सबसे बड़े राजनीतिक दल की बजाय उन्हें प्राथमिकता दी जाए। विपक्षी दलों के नेता इस संबंध में पहले ही बैठक कर चुके हैं। नतीजे आने से पहले कांग्रेस के शीर्ष नेता भी विचार-मंथन कर चुके हैं।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग को बताया कमजोर
मतगणना शुरू होने से पहले वीवीपैट और ईवीएम मिलान की मांग खारिज होने के बाद कांग्रेस ने बुधवार को चुनाव आयोग को 'कमजोर आयोग', 'उन्मूलन आयोग' और 'लुप्त आयोग' की संज्ञा दी। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सवाल किया कि क्या ईवीएम भाजपा के लिए 'इलेक्ट्रॉनिक विक्ट्री मशीन' और आदर्श आचार संहिता 'मोदी प्रचार संहिता' है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दबाव में घुटने टेक दिए हैं। सिंघवी ने कहा, 'लोकतंत्र के लिए यह काला दिन है और चुनाव आयोग जैसी संस्था के लिए यह बेहद दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण है।'

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Posted By: Sanjeev Tiwari

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