हरिद्वार, जेएनएन। लोकसभा चुनावों के मद्देनजर प्रशासन ने हरिद्वार की महापौर का वाहन भी कब्जे में ले लिया। इस पर महापौर ई-रिक्शा में सवार हुईं और क्षेत्र का भ्रमण किया। इससे खफा महापौर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 'मैं कांग्रेस से हूं इसलिए मेरा वाहन लिया गया, जबकि ऋषिकेश की महापौर सत्ता पक्ष से हैं। उनका वाहन लेने से परहेज किया गया।' दूसरी ओर हरिद्वार के अपर जिलाधिकारी बीके मिश्र ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के वाहनों का भी अधिग्रहण किया गया है। नियम सबके लिए बराबर हैं। 

प्रशासन ने हरिद्वार की महापौर अनीता शर्मा के वाहन का अधिग्रहण किया तो इस पर सियासत शुरू हो गई। महापौर अनीता शर्मा ने आरोप लगाया कि विपक्ष से होने के कारण उनके साथ ऐसा सुलूक किया गया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार शाम जब वाहन का अधिग्रहण किया गया तो आश्वासन दिया गया था कि वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी,  लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार को कई बार जिलाधिकारी को फोन किया, लेकिन उनका फोन तक रिसीव नहीं किया गया। कहा कि जनता ने मुझे चुना है। जनता के लिए  पैदल चलने से भी गुरेज नहीं है। 

गुरुवार को महापौर अनीता शर्मा पति अशोक शर्मा के साथ दिनभर ई-रिक्शा में क्षेत्र भ्रमण पर रहीं। कृष्णानगर में नालियों की सफाई का जायजा लिया और निगम भी पहुंची। शाम के वक्त हरकी पैड़ी क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन बीके मिश्र ने बताया चुनाव के लिए प्रशासन को वाहनों का प्रबंध करना होता है। कई सरकारी अधिकारी जो चुनाव ड्यूटी में नहीं लगे हैं उनके वाहन भी अधिग्रहीत किए गए हैं। कहा कि नियमों के तहत ही कार्य किया जा रहा है। 

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Posted By: Sunil Negi

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