रांची, राज्य ब्यूरो। Lok Sabha Election 2019 - झारखंड में विपक्षी महागठबंधन की दरारें बढ़ रही हैं। चतरा में दोस्ताना संघर्ष के बाद अब गोड्डा संसदीय सीट पर भी ऐसे ही आसार नजर आ रहे हैं। गोड्डा से पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने लोकसभा चुनाव लडऩे की घोषणा की है। वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।  इससे पहले चतरा सीट कांग्रेस के खाते में होने के बावजूद राजद ने सुभाष यादव को अपना प्रत्‍याशी बनाया है। कांग्रेस ने भी यहां से अपना उम्‍मीदवार उतारा है। अब अंसारी की घोषणा के बाद महागठबंधन में घमासान मचा है। गोड्डा सीट पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी की पार्टी झाविमो के खाते में गई है। यहां से प्रदीप यादव झाविमो प्रत्‍याशी हैं।

फुरकान अंसारी कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में हैं। उनके पुत्र डॉ. इरफान अंसारी जामताड़ा से पार्टी के विधायक हैं। समझा जा रहा है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं से हरी झंडी मिलने के बाद ही फुरकान अंसारी ने चुनाव मैदान में उतरने का मन बनाया है। उन्होंने कहा कि वे जल्द नामांकन करेंगे। गोड्डा उनकी कर्मभूमि रही है और वे इसपर अपना दावा नहीं छोड़ सकते। चुनाव लडऩे के लिए उनपर समर्थकों का भारी प्रेशर भी है।

फुरकान अंसारी का दावा है कि गोड्डा संसदीय सीट से विपक्षी महागठबंधन ने एक कमजोर प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है। प्रदीप यादव भाजपा को नहीं हरा सकते। उन्होंने यह भी दावा किया कि महागठबंधन के प्रत्याशी की छवि साफ नहीं है। क्षेत्र में लोग उन्हें पक्षपाती, भेदभाव करने वाले और अहंकारी के तौर पर देखते हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र पोड़ैयाहाट में भी स्थिति बहुत खराब है।

पार्टी के अंदरूनी सर्वे में भी यह स्पष्ट हुआ है कि प्रदीप यादव सबसे कमजोर उम्मीदवार हैं। उधर फुरकान अंसारी की घोषणा के मद्देनजर कांग्रेस भी सतर्क है। कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें सोमवार को नई दिल्ली तलब किया है, जहां वे अपनी बातें रखेंगे। 

Posted By: Alok Shahi

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