गिरिडीह, [दिलीप सिन्‍हा]। Lok Sabha Election 2019 लोकसभा चुनावों को लेकर झारखंड में एकाध नक्‍सली बम विस्‍फोट की बात छोड़ दें तो अत तक माओवादियों की धमक नहीं सुनी गई। हालांकि, पूर्व के चुनावों में जिस तरह से उनका खाैफ रहा है, यह इस बार के चुनाव में लगभग न के बराबर है। उग्रवाद प्रभावित तीन सीटों लोहरदगा, चतरा और पलामू पर चौथे चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले गए थे। जहां तमाम सुरक्षा एहतियातों और चौक-चौबंद पहरे के कारण नक्‍सली किसी भी हिंसक वारदात को अंजाम नहीं दे सके।

ऐसे में पांचवें चरण में बौखलाए नक्सली अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। उग्रवाद प्रभावित गिरिडीह और कोडरमा संसदीय क्षेत्र में इस बार उनका कोई फरमान चले, इस पर संशय है। कोडरमा में किसी उम्मीदवार को समर्थन देने की उनकी मंशा भी पिछले पायदान पर है। राज्‍य में कम होते नक्‍सली प्रभाव के बीच कोडरमा लोकसभा क्षेत्र में सोमवार को चुनाव के लिए मतदान होना है।

यहां से माओवादियों के हिटलिस्ट में रहे पूर्व मुख्यमंत्री सह झाविमो प्रत्याशी बाबूलाल मरांडी, भाजपा की अन्नपूर्णा देवी, माले के राजकुमार यादव समेत 14 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। बिहार के जमुई एवं नवादा जिले से सटे गिरिडीह जिले के भेलवाघाटी, तीसरी एवं गावां के 239 मतदान केंद्र जो नक्सल प्रभावित है को अतिसंवेदनशील घोषित कर सीआरपीएफ के हवाले कर दिया गया है।

सीमा के उस पार से बिहार पुलिस एवं सीआरपीएफ भी माओवादियों पर नजर रख रही है। पिछले एक साल में नक्सलियों की ताकत इस इलाके में भी कमजोर हुई है लेकिन गिरिडीह पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से चौकस है। एसपी सुरेंद्र कुमार झा ने कहा है कि चुनाव शांतिपूर्ण कराने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। चुनाव में बूथों पर सुरक्षा को लेकर 40 कंपनियां तैनात रहेगी।

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Posted By: Alok Shahi