नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय चुनाव में इवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के इस्तेमाल के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब चुनाव परिणाम आने में एक से अधिक दिन का समय लगा हो। 23 मई सुबह 8 बजे से जारी मतगणना 24 मई की शाम को खत्म हुई। पश्चिमी अरुणाचल प्रदेश सीट पर शुक्रवार शाम परिणाम की घोषणा की गई। यहां से भाजपा उम्मीदवार किरण रिजिजु ने जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के नबम टिकु को यहां शिकस्त दी है। भारत में ईवीएम के इस्तेमाल को 20 वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है और तब से ये पहला मौका है जब चुनाव नतीजे आने में एक से ज्यादा दिन का समय लगा है।

इस बार चुनाव में वीवीपैट (वोटर वेरिफियेबल पेपर ऑडिट ट्रायल) का इस्तेमाल किया गया है। VVPAT के इस्तेमाल के कारण नतीजों में देरी हुई है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव नतीजों को वीवीपैट से मैच किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक हर विधानसभा क्षेत्र में पांच वीवीपैट मशीनों से इवीएम के नतीजों का मिलान किया जाना है। इससे पहले सिर्फ एक वीवीपैट की पर्चियों का इवीएम के नतीजों से मिलान किया जाता था।

भारत में वीवीपैट का इस्तेमाल सबसे पहले नागालैंड के विधानसभा चुनाव के समय किया गया था। इसके बाद साल 2014 के लोकसभा चुनाव और साल 2017 गोवा विधानसभा चुनाव में VVPAT मशीनों का इस्तेमाल किया गया।

साल 1982 में भारत में पहली बार EVM का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन साल 2004 के बाद देश के सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन द्वारा कराया जाने लगा। भारत में ईवीएम के इस्तेमाल को 20 वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है और तब से ये पहला मौका है जब चुनाव नतीजे आने में एक से ज्यादा दिन का समय लगा है।

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Posted By: Manish Pandey