गोरखपुर, जेएनएन। बीते दो वर्ष में केंद्र में मोदी और प्रदेश की योगी सरकार की जुगलबंदी से गोरखपुर विकास की राह पर आगे बढ़ा। वर्षों से बंद पड़े खाद कारखाने को फिर से शुरू करने का कार्य शुरू हुआ तो स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए स्वप्न सरीखे एम्स की न केवल स्थापना हुई बल्कि ओपीडी में मरीज देखे भी जाने लगे।

देश के सभी शहरों तक पहुंच आसान बनाने के लिए सड़कों का जाल बिछने लगा और एयर कनेक्टिविटी से बड़े शहरों की दूरी कम हो गई। पर्यटन विकास को लेकर तो योजनाओं की झड़ी लग गई। इन सबके बीच जब दो महीने पहले लोकसभा चुनाव की घोषणा हुई तो हर किसी के जेहन में एक ही सवाल था कि यदि केंद्र में भाजपा की सरकार नहीं लौटी तो विकास की रफ्तार पकड़ चुकीं इन योजनाओं का क्या होगा? लेकिन 23 मई को आए चुनाव परिणाम ने ऐसे सभी सवालों पर विराम लगा दिया। सभी को यह विश्वास हो चला कि अब योजनाएं वैसे ही परवान चढ़ती रहेंगी, जैसी कि चुनाव से पहले चढ़ रही थीं। ऐसे में गोरखपुर के देश के क्षितिज पर चमकाने का सिलसिला जारी रहेगा।

2021 तक शुरू हो जाएगा खाद का उत्पादन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अथक प्रयास के बाद खाद कारखाने का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जुलाई 2018 को किया था। निर्माण 27 फरवरी 2018 में शुरू हुआ। निर्माण पूरा करने के लिए 36 माह की अवधि निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है। लगभग 40 फीसद कार्य पूर्ण हो चुका है। कार्यदायी संस्था एचयूआरएल (हिंदुस्‍तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड) का दावा है कि 26 फरवरी 2021 को हर हाल खाद का उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा, प्रतिदिन 3850 मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन किया जाएगा। अब यह दावा पूरा होता दिखने लगा है।

पूरी ठसक के साथ अस्तित्व में आएगा एम्स

गोरखपुर में एम्स का शिलान्यास भी योगी आदित्यनाथ के प्रयास से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जुलाई 2016 को किया था। वह जब दोबारा 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर आए तो उन्होंने ओपीडी का शुभारंभ किया। इस समय 10 विभागों की ओपीडी के साथ एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, खून-पेशाब की जांच शुरू हो चुकी है। इसी सत्र से 50 छात्रों के साथ एमबीबीएस की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी और जल्द ही गोरखपुर का एम्स इलाज को लेकर उस मानक को भी पूरा करेगा, जिसकी उम्मीद पाले पूर्वांचल के लोग बैठे हैं।

राह आसान करेगा फोर-लेन सड़कों का जाल

गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग को फोरलेन में बदलने का सपना अब साकार होने जा रहा है, लगभग 25 फीसद कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही गोरखपुर बाइपास (सहजनवां से जंगल कौडिय़ा तक फोरलेन) का निर्माण भी 60 फीसद पूर्ण हो चुका है। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने आठ सितंबर 2016 को इन दोनों सड़कों का शिलान्यास किया था। इसके अलावा जंगल-कौडिय़ा-मोहद्दीपुर फोरलेन का निर्माण भी शुरू हो चुका है। इन सड़क निर्माण कार्यों को और रफ्तार मिलेगी।

जल्द मिलेगा चिडिय़ा घर में लुत्फ का अवसर

चिडिय़ाघर का निर्माण लगभग पूरा होने वाला है। 121 एकड़ में इसे बनाया जा रहा है। इसका शिलान्यास 2009-10 में हुआ था, जिसे चार वर्ष में पूरा करना था। लेकिन पिछली सरकारों की उदासीनता के कारण प्रतिवर्ष चिडिय़ाघर निर्माण के लिए मात्र पांच करोड़ रुपये ही मिलते रहे। भाजपा सरकार के कार्यकाल में पर्याप्त धन मिलने के कारण चिडिय़ाघर निर्माण का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। केंद्र में भाजपा सरकार बनने से इसके जल्द से जल्द लोकार्पण की उम्मीद जगी है।

धरातल पर उतरेंगी पर्यटन की लंबित परियोजनाएं

केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार होने की वजह से पर्यटन विभाग ने कई ऐसी परियोजनाओं का खाका तैयार किया, जिन्हें दोनों सरकारों के सहयोग से धरातल पर उतारना था। इसमें से लाइट एंड साउंड-शो तो धरातल पर आ गया और वाटर एंड र्स्‍पोट्स का काम अभी भी जारी है। इसके अलावा कई और परियोजनाओं को अभी भी सरकार की इनायत का इंतजार है। केंद्र में एक बार और मोदी सरकार बनने से यह इंतजार पूरा होता दिखने लगा है।

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Posted By: Pradeep Srivastava

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