जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। जल,जंगल और जमीन का अधिकार एवं भील प्रदेश की मांग को लेकर बहुत कम समय में आदिवासियों के बीच अपना जनाधार बढ़ाने वाल भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा की 20 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

पार्टी के अध्‍यक्ष छोटूभाई वसावा ने दैनिक जागरण से बातचीत में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार करते हुए कहा कि गठबंधन की बात केवल भ्रम उत्पन्न करने के लिए फैलाई जा रही है। पार्टी ने राजस्‍थान की जोधपुर और बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट के प्रत्‍याशियों का भी एलान कर दिया है । राजसमंद,जालौर और उदयपुर सीटों पर शनिवार तक उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी।

बीटीपी की स्थापना गुजरात में 2017 विधानसभा चुनावों से पहले हुई थी। उन्होंने कहा कि राजस्थान के आदिवासी अंचल के 6 जिलों में आदिवासियों की आबादी 70 फीसदी से अधिक होने के बावजूद पूरे अधिकार नहीं दिए जा रहे है । कांग्रेस और भाजपा ने आदिवासियों को केवल वोट बैंक समझा,अब हमने हमारी खुद की पार्टी बनाई और चुनाव लड़ रहे है। पहले विधानसभा चुनाव में सफलता हासिल की और अब लोकसभा चुनाव में हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक सीटें जीतने का है ।

गुजरात और राजस्‍थान में है दो-दो विधायक

2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव में बीटीपी को 182 सदस्यीय सदन में दो सीटों पर जीत मिली थी। पार्टी अध्‍यक्ष छोटूभाई वसावा ने झागड़िया से जीत हासिल की थी जबकि उनके बेटे महेश डेडियापाड़ा से विधायक हैं। इसी तरह राजस्‍थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में बीटीपी ने सागवाड़ा और चौरासी विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की थी। पार्टी ने 16 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए थे,इनमें से 8 सीटों पर प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे । वसावा ने बताया कि मैं गुजरात के भरूच से चुनाव लडूंगा क्योंकि यहां बड़ी संख्या में आदिवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘कांग्रेस और बीजेपी ने अपने हितों के लिए आदिवासी वोटों को बांट दिया है। हम चाहते हैं कि आदिवासी हितों की रक्षा हो और संसद में उन्हें प्रतिनिधित्व मिले।’  

Posted By: Preeti jha

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