कोलकाता, अनवर हुसैन। प्रथम चरण में कूचबिहार और अलीपुरद्वार में मतदान के दौरान हुई गड़बड़ी व धांधली की शिकायतों पर गौर करते हुए चुनाव आयोग दूसरे चरण के मतदान में अधिक से अधिक केंद्रीय बल तैनात करने की तैयारी में है।

18 अप्रैल को उत्तर बंगाल की तीन सीटों दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और रायगंज पर होने वाले मतदान के समय केंद्रीय बल की 100 से अधिक कंपनियां तैनात होंगी। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक एक- दो दिनों के अंदर ही राज्य में और केंद्रीय बल की 40 कंपनियां आएंगी। 11 अप्रैल को उत्तर बंगाल की दो सीटों के लिए हुए प्रथम चरण के मतदान में केंद्रीय बल की 83 कंपनियां तैनात थी।

70 प्रतिशत बूथों पर केंद्रीय बल के जवान तैनात किए गए थे। शेष पर राज्य सशस्त्र पुलिस बल के जवान थे। चूंकि केंद्रीय बल के जवान राज्य की भौगोलिक स्थिति से अनजान होते हैं, इसलिए उन्हें राज्य पुलिस की मदद लेनी पड़ती है। विपक्षी दलों खास कर भाजपा ने प्रथम चरण के मतदान में तृणमूल समर्थकों द्वारा धांधली और गड़बड़ी फैलाने की शिकायत चुनाव आयोग से की है।

ये भी पढ़ें- Loksabha Election 2019 : केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को विवादित बयान पर तीन दिन में देना होगा जवाब

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा है जिन क्षेत्रों में राज्य पुलिस के जवान थे वहीं ज्यादा गड़बड़ी और धांधली हुई। तृणमूल समर्थकों ने दोनों लोकसभा क्षेत्रों में करीब 90 बूथों पर जबरन कब्जा किया था। हालांकि विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे ने कहा है कि मतदान के दौरान राज्य पुलिस से पर्याप्त मदद मिली है। लेकिन दूसरी ओर देखा जाए तो विपक्षी दलों को राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं है। भाजपा नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने तो प्रथम चरण के मतदान में व्यापक धांधली और गड़बड़ी होने पर शुक्रवार को मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर के समक्ष विरोध प्रदर्शन भी किया।

विपक्षी दलों ने पहले ही सभी बूथों पर केंद्रीय बल तैनात करने की मांग की थी। लेकिन पूरे देश में चुनाव होने के कारण राज्य के लिए पर्याप्त केंद्रीय बल नहीं मिले। चुनाव आयोग को राज्य के नक्सल प्रभावित जंगल महल में तैनात केंद्रीय बल की 40 कंपनियों में से 35 कंपनी का इस्तेमाल प्रथम चरण के मतदान में करना पड़ा। प्रथम चरण के मतदान में केंद्रीय बल की कुल 83 कंपनियां तैनात की गई थीं। मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय सूत्रों के मुताबिक दूसरे चरण के मतदान में केंद्रीय बल की और 40 कंपनियां तैनात होंगी।

कूचबिहार और अलीपुरदूआर में 11 अप्रैल को कुल 3841 बूथों पर मतदान हुआ था। दूसरे चरण में 18 अप्रैल को दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और रायगंज में 5390 बूथों पर मतदान होगा। दूसरे चरण में बूथों की संख्या ज्यादा होने और दार्जिलिंग में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त रखने के लिए चुनाव आयोग को अतिरिक्त केंद्रीय बल मंगाने की जरूरत पड़ी है। चुनाव आयोग के सूत्रों की माने तो केंद्रीय बल की और 40 कंपनियां बाहर से आने पर उनकी संख्या बढ़ कर 123 हो जाएगी। इससे राज्य पुलिस पर निर्भरता कमेगी और अधिकांश बूथों पर केंद्रीय बल के जवानों को तैनात करना संभव होगा।  

चुनाव की विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Posted By: Preeti jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस