जयपुर, जागरण संवाददाता। लोकसभा चुनाव के दौरान ड्यूटी से बचने के लिए कर्मचारी अलग-अलग तरह के बहाने बना रहे है। जयपुर के एक कर्मचारी ने अपनी सास की मौत का कारण बताते हुए चुनावी ड्यृटी निरस्त कराने का आवेदन जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव के समक्ष पेश किया। लेकिन जांच के दौरान जब कर्मचारी के घर फोन कर पूछताछ की गई तो उसकी पत्नी चौंक पड़ी और ऐसी किसी भी घटना से इनकार कर दिया।

लोकसभा चुनाव में ड्यूटी निरस्त कराने के लिए जयपुर जिला निर्वाचन कार्यालय में साढ़े चार हजार आवेदन पहुंच चुके है है। इस दौरान जिला कलक्टेेेट की टीम जब आवेदनों की जांच कर रही है तो कई खुलासे हो रहे है। ऐसा ही एक खुलासा सास की मौत बताकर चुनावी ड्यृटी निरस्त कराने वाले कर्मचारी का हुआ।

ड्यृटी निरस्त करने के लिए आवेदन करने वाले कर्मचारी रामेश्वर जाट की हरकतों पर जब शक हुआ तो स्वयं जयपुर जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने उसके घर फोन कर दिया। इस दौरान फोन पर उन्होंने कर्मचारी की पत्नी से उनकी मां के निधन होने की बात कह कर शोक जताया। अपनी मां की मौत की गलत खबर सुनकर वह चौंक पड़ी। उसने इस तरह की किसी भी घटना होने से इनकार किया। इस पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब जिला कलेक्टर के निर्देश पर कर्मचारी के निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।

शिक्षक पक्षियों को दे रहे थे दाना, गई नौकरी

जयपुर जिले के सांगानेर ब्लॉक के एक शिक्षक ने चुनाव ड्यूटी निरस्त करने के लिए ऐसी बीमारी से पीडि़त होने की बात कही थी, जिसमें उसने चलने-फिरने में असमर्थता जताई थी। उसने अपने आवेदन में लिखा था कि वह स्कूल में सिर्फ पक्षियों को दाना डालने का काम करता है,जिसके बाद कलेक्टर ने सांगानेर शिक्षा अधिकारी को शिक्षक की अनिवार्य रूप से सेवामुक्त करने का निर्देश जारी कर दिया।  

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