नई दिल्ली, पीटीआई। चुनाव आयोग ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बायोपिक ‘मोदी’ की रिलीज पर रोक लगा दी। इसके साथ ही लोकसभा चुनावों तक नमो टीवी के प्रसारण पर भी रोक रहेगी। चुनाव आयोग के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बायोपिक की स्क्रीनिंग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश NaMo TV पर भी लागू होता है, जिसे चुनाव अवधि के दौरान प्रसारित भी नहीं किया जा सकता है। इससे पहले बुधवार सुबह सुप्रीम कोर्ट ने ‘मोदी’ की बायोपिक पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर तत्काल सुनवाई शुरू करने से इनकार कर दिया था।

चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक पर रोक लगाते हुए कहा है कि ऐसी कोई भी फिल्म जो किसी राजनीतिक दल या राजनेता का प्रभावित करती है, उसे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। मालूम हो कि चुनाव आयोग का फैसला फिल्म की रिलीज तिथि से ठीक एक दिन पहले आया है। गुरुवार, 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव 2019 के प्रथम चरण के लिए 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है।

ये भी पढ़ें - LokSabha Election 2019 : इस लोकसभा सीट पर मतदान में पुरुषों से पीछे है आधी आबादी

चुनाव आयोग ने एनटीआर लक्ष्मी, पीएम नरेंद्र मोदी और उदयम सिम्हम फिल्मों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों पर कहा है कि ये फिल्मों मतदाताओं को प्रभावित कर सकती हैं। ये सीधे तौर पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन जैसा मामला है। इसलिए आदर्श आचार संहिता के दौरान इस तरह की फिल्मों को सिनेमाघरों समेत किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए।

मालूम हो कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर बनी फिल्म 'पीएम नरेंद्र मोदी' (PM Narendra Modi) को हरी झंडी दे दी। कांग्रेस की याचिका को खारिज करते हुए सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि फिल्म की वजह से आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है या नहीं ये देखना चुनाव आयोग का काम है। चुनाव आयोग ही इस तरह के मामलों के निस्तारण के लिए उचित स्थान है। याचिकाकर्ता की तरफ से अरोप लगाया गया था कि चुनाव से पहले फिल्म को रिलीज करने से निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव पर असर पड़ सकता है। मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी फिल्म को सेंसर बोर्ड का प्रमाण पत्र नहीं मिला है।

बुधवार सुबह सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ता का जैसा दावा है कि फिल्म 11 अप्रैल को रिलीज की जानी है, तब भी चुनाव आयोग इस तरह के मामलों के निस्तारण के लिए उचित स्थान है। मालूम हो कि कांग्रेस कार्यकर्ता ने याचिका दायर कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक पर लोकसभा चुनाव 2019 की प्रक्रिया पूरी होने तक रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इस फिल्म का मकसद मतदाताओं को प्रभावित करना है।

ये भी पढ़ें - UP Lok Sabha Election 2019 : वेस्ट यूपी की 8 सीटों पर मतदान कल, 96 उम्मीदवार हैं मैदान में

सुप्रीम ने तत्काल सुनवाई से लगाई थी रोक
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बॉम्बे हाइकोर्ट द्वारा PM Narendra Modi फिल्म पर रोक न लगाने संबंधी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। दरअसल, बॉम्बे हाइकोर्ट में याचिका दायर कर पीएम मोदी की बायोपिक 'पीएम नरेंद्र मोदी' की रिलीज को रोकने की मांग की गई थी। इस पर बॉम्बे हाइकोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को याचिका में तत्काल सुनवाई करने से मना करते हुए कहा, 'हमारे पास करने के लिए बेहतर चीजें हैं'।

कई बार बदली रिलीज की डेट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर बनी फिल्म को निर्माता संदीप सिंह 12 अप्रैल को रिलीज करना चाहते थे, लेकिन बाद में रिलीज की तारीख को बदलकर 5 अप्रैल कर दिया गया। लोकसभा चुनाव के पहले फिल्म रिलीज करने को लेकर कई लोगों ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। 5 अप्रैल को रिलीज होने वाली यह फिल्म अब 11 अप्रैल को रिलीज होने की बात कही जा रही है। हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद याचिकाकर्ता ने देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ता की तरफ से अरोप लगाया गया है कि चुनाव से पहले फिल्म को रिलीज करने से निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव पर असर पड़ सकता है।

चुनाव की विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Posted By: Amit Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस