धनबाद, जेएनएन। भाजपा नेता डीएन प्रसाद ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वे जनसंघ के जमाने से धनबाद जिला में पार्टी का झंडा थामे हुए थे। उन्होंने पार्टी द्वारा निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं दिए जाने को अपने इस्तीफा का कारण बताया है।

डीएन प्रसाद ने शनिवार को स्थानीय एक होटल में प्रेस वार्ता में कहा कि उनके जीवन का एक बड़ा भाग जनसंघ और भाजपा में व्यतीत हुआ है। कोयला उद्योग में संघ की नीतियों के अनुरूप मजदूरों के बीच काम किया। पूर्व सांसद प्रो. रीता वर्मा के नेतृत्व में बोकारो में एचएससीएल मजदूरों और कर्मचारियों के हित में आंदोलन में वे अगली कतार में थे। माफियों से भी लाठियां खाई व जेल गए। इसके बावजूद भी पार्टी के नीति व सिद्धांत पर कभी आंच नहीं आने दी। प्रसाद ने कहा कि 90 के दशक में उन्हें भाजपा का जिलाध्यक्ष और पार्टी से टिकट का मौका मिला था, लेकिन संगठन के विस्तार और मजबूती के लिए छोड़ दिया। प्रसाद ने कहा कि धनबाद लोकसभा सीट से चार बार सांसद रहीं प्रो. वर्मा को पार्टी में हाशिए पर डाल दिया गया। बिजय झा जैसे लोगों ने पार्टी छोड़ दी। दूसरे दलों से आए चंद नेताओं द्वारा सत्ता हासिल करने का मंच भाजपा बन गई है। प्रसाद के साथ निर्मल चटर्जी, समरेश सिंह, अरूणचंद्र झा आदि वे लोग थे।

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Posted By: mritunjay