राज नारायण शुक्ल राजन, प्रतापगढ़ : चुनाव, मतदान, सांसद, विधायक...! यह शब्द ङ्क्षहदूपुर बाबूपुर के लोगों को अखरते थे। वजह यह थी कि इनको रहनुमा चुनने का मौका नहीं मिलता था। वह चाहते तो थे कि लोकतंत्र के महायज्ञ में वोटों की आहुति डालें, पर इसके लिए नदी पार करने की चुनौती होती थी। अब इस गांव में चुनाव आयोग ने बूथ बनवा दिया है। इससे उनमें उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है कि वह इस बार बढ़-चढ़ कर लोकतंत्र के महापर्व में अपनी आहुति डालेंगे।  

 ग्रामीणों को मतदान के लिए छह किमी दूरी तय करनी पड़ती थी

विश्वनाथगंज विधानसभा के मानधाता विकास खंड अंतर्गत हिंदूपुर और बाबूपुर गांव में लगभग पांच हजार लोग रहते हैं। यहां के मतदाताओं को विधानसभा और लोकसभा चुनाव में वोट डालने के लिए करीब छह किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। दूरी तो थी ही, बकुलाही नदी को पार कर प्राथमिक विद्यालय छतौना में बनने वाले बूथ तक पहुंचना भी चुनौती भरा होता था। इस वजह से हिंदूपुर और बाबूपुर गांव के ज्यादातर मतदाता चाहकर भी मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते थे। महिलाएं तो खासकर नहीं जा पाती थीं। दरअसल पहले इतनी सख्ती होती थी कि चुनाव के दिन वाहन भी नहीं चलने पाते थे। छतौना में डीह कटरा और गोकुला के लोग तो किसी तरह पहुंच जाते थे, पर बाबूपुर के लोग मायूस रह जाते थे। 

...और चुनाव आयोग ने ग्रामीणों की सुन ली फरियाद 

इस समस्या के मद्देनजर गांव में पोलिंग बूथ बनाए जाने की आवाज उठनी शुरू हुई। हिंदूपुर गांव के सोशल वर्कर रवि प्रकाश सिंह चंदन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अपना हक मांगा। चुनाव आयोग तक बात पहुंचाई कि हमें भी लोकतंत्र में शिरकत का मौका दिया जाए। इस बार चुनाव आयोग ने बाबूपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में नया मतदान केंद्र बनाने को मंजूरी दे दी है। पोलिंग बूथ संख्या 239 पर हिंदूपुर और बाबूपुर गांव के करीब डेढ़ हजार मतदाता वोट डालेंगे। गांव में पहली बार वोट की सुविधा मिलने पर मतदाताओं में खासा उत्साह है। गांव की माधुरी सिंह, राम अजोर, बृजेश सिंह, अजीत सिंह, अजय वर्मा, अभय ङ्क्षसह, प्रधानाचार्य राम दास सिंह, रामेंद्र सिंह, शोभा सिंह, सुमन सिंह, विभा सिंह समेत ग्रामीणों को अब 12 मई का बेसब्री से इंतजार है। इस दिन वह पहली बार अपने घर-गांव में लोकतंत्र को मजबूत करने में योगदान देंगे। 

गांव में मतदान का पहला अवसर यादगार बनाने की तैयारी

समाजसेवी रवि प्रकाश सिंह चंदन कहते हैं कि गांव में पहली बार मतदान का अवसर ऐतिहासिक होगा। इसे यादगार बनाने के लिए वोट देने वाले पहले वोटर को माला पहनाकर स्वागत किया जाएगा। चुनाव आयोग को भी आभार पत्र भेजा जाएगा।

बोलीं ग्राम प्रधान

ग्राम प्रधान ममता सिंह कहती हैं कि बूथ दूर होने से गांव के लोग मतदान नहीं कर पाते थे। महिलाएं तो जा ही नहीं पाती थीं। इससे गांव के लोग हर चुनाव में मायूस हो जाते थे। इस बार जमकर मतदान करने की जोरदार तैयारी है। 

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