वाराणसी, जेएनएन। देश की सबसे चर्चित लोकसभा सीट को लेकर वाराणसी में काफी सियासी घमासान मच चुका है। यहां भाजपा की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस से अजय राय मैदान में हैं वहीं सपा की ओर से तेजबहादुर यादव का नामांकन खारिज होने के बाद अब शालिनी यादव ही मैदान में हैं। पार्टी की ओर से दो लोगों ने अपना नामांकन दाखिल किया था। इस लिहाज से अब शालिनी यादव ही सपा की ओर से अधिकृत प्रत्‍याशी के तौर पर चुनावी मैदान में होंगी। गुरुवार को शालिनी और तेज बहादुर ने प्रेस वार्ता कर चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की। वहीं तेज बहादुर यादव ने भी चुनाव में पूरा सहयोग देने की बात कही।

इससे पूर्व पर्चा खारिज होने की अगली सुबह गुरुवार को तेजबहादुर शालिनी यादव के घर पहुंचे। मंगल कामना के साथ बधाई दी और राखी बंधवाई। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि भाई बहन का प्रचार करेगा। तेजबहादुर का वहीं बुधवार को सपा की ओर से नामांकन खारिज होने के बाद बर्खास्‍त पूर्व फौजी तेज बहादुर को देश सेवक का दर्जा दिया है। पार्टी में शीर्ष स्‍तर से अब उम्मीदवारी खारिज होने के बाद संकेत दिया गया है कि अब वह पार्टी का प्रचार करेंगे। सपा बसपा की अोर से महागठबंधन में वाराणसी की सीट सपा के खाते में आई थी। अब लोकसभा प्रत्याशी शालिनी यादव के ही मैदान में होने से सपाइयों को एकजुट करना भी बड़ी चुनौती होगी। इसी संदर्भ में वाराणसी से स्थिति स्‍पष्‍ट करने के लिए प्रेसवार्ता भी आयोजित की गई है।

गुरुवार दोपहर एक बजे आयोजित इस प्रेसवार्ता में तेज़ बहादुर और महागठबंधन की लोकसभा प्रत्याशी शालिनी यादव की यह प्रेसवार्ता संयुक्‍त रुप से आयोजित की गई। इस आशय की जानकारी महानगर अध्‍यक्ष राजकुमार जायसवाल ने जारी कर पार्टी में प्रत्‍याशी को लेकर सबकुछ सामान्‍य होने की स्थिति स्‍पष्‍ट की है। हालांकि पूर्व में सपा नेता सुरेंद्र पटेल ने प्रत्‍याशी का विरोध भी जताया था।

 

Posted By: Abhishek Sharma

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