साहिबगंज, जेएनएन। लोकसभा चुनाव- 2019 के अंतिम चरण में झारखंड के संताल में होने वाले तीन लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार अभियान तल्ख हो गया है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सोमवार को राजमहल लोकसभा क्षेत्र के मिर्जाचाैकी में भाजपा प्रत्याशी हेमलाल मुर्मू के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन और उनके पुत्र कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन पर जोरदार हमला किया। कहा, आदिवासियों ने शिबू सोरेन को दिशोम गुरु बना दिया। बदले में उन्हें क्या मिला? 40 साल से झामुमो ने संताल के आदिवासियों को सिर्फ ठगने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि सीधा-साधा आदिवासी समाज झामुमो और शिबू सोरेन की वोट की पेटी भरता रहा। दूसरी तरफ झामुमो आदिवासियों को ठगता रहा वरना वो काैन सी वजह थी कि संताल का विकास नहीं हुआ। झामुमो ने संताल के गांव, गरीब, आदिवासियों, दलितों, शोषितों की समृद्धि के लिए विकास पर ध्यान नहीं दिया। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद को आदिवासियों के हिमायती कहते हैं। बरहेट का विधायक बन कर काैन-काैन से विकास कार्य किए बताएं? उन्होंने शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन पर सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासियों की जमीन अपने नाम करने का आरोप लगाया।  कहा, 10 साल तक झामुमो केंद्र सरकार में रहा। शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन दोनों ने झारखंड में भी सरकार का नेतृत्व किया। लेकिन, संताल के विकास पर ध्यान देने के बजाय घोटाले पर ध्यान लगाया। गरीबों की चिंता, विकास की ललक नहीं दिखाई।

विभेद की राजनीति नहीं करते, भाषा और संस्कृति को सम्मान दिया: मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा विभेद की राजनीति नहीं करती। मोदी सरकार ने सभी वर्ग व समुदाय के लोगों को योजनाओं का लाभ दिया है। संताल परगना की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए माघी पूर्णिमा और लुंगुबुरु को राजकीय मेला का दर्जा दिया। संताल की ओल चिकि भाषा को कक्षा 1 से 5 तक लागू किया गया। क्यों नहीं खुद को आदिवासियों के हिमायती बताने वालों ने यह पहल की। क्योंकि वे आदिवासियों में जागरूकता का संचार नहीं देखना चाहते। वर्त्तमान सरकार का प्रयास है कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो। आप सभी है अपील है कि आप भाजपा को चुनें, संताल परगना में समृद्धि मोदी जी के नेतृत्व में आएगी।

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Posted By: mritunjay