जागरण संवाददाता, कठुआ : ऊधमपुर संसदीय क्षेत्र लोकसभा का चुनाव जम्मू संभाग के प्रमुख नेता एवं डोगरा स्वाभीमान संगठन के उम्मीदवार लाल सिंह चौधरी को भारी पड़ा है। चुनाव से पूर्व डुग्गर प्रदेश का नारा लगाकर जम्मू संभाग ऊधमपुर व जम्मू संसदीय क्षेत्र की दोनों सीटों पर जीत का दावा करने वाले चौधरी लाल सिंह को हार का सामना करना पड़ा है। यह उनके राजनीतिक जीवन के 23 साल के दौरान सबसे बुरा चुनाव साबित हुआ।

लाल सिंह ने शायद ऐसा सोचा भी नहीं होगा कि जिस क्षेत्र के मतदाताओं ने दो बार उसे लगातार संसद में चुन कर भेजा था वो उसे इस तरह से आउट कर देंगे। उसके राजनीतिक जीवन के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। आगमी विधानसभा चुनाव में जम्मू संभाग की सभी 37 सीटों पर चुनाव लड़ने का सपना भी चकनाचूर हो गया है। आलम यह है कि बसोहली से तीन बार विधायक और राज्य में दो बार मंत्री और दो बार लोक सभा चुनाव जीतने वाले लाल सिंह अपनी जमानत भी नहीं बचा सके हैं। वर्ष 1996 से बसोहली विधानसभा क्षेत्र से लगातार चाहे कांग्रेस हो या भाजपा जीत का परचम लहराने वाले लाल सिंह इस बार अपने बसोहली विधानसभा क्षेत्र से भी बुरी तरह पिछड़े हैं।

उन्हें इस बार जीत के मुकाबले में तीन गुणा कम वोट मिले हैं। लाल सिंह सुबह मतगणना शुरू होने से पहले ही पहले राउंड में अपने पक्ष का रुझान देख कर लौट गए थे। लाल सिंह को हालांकि इस चुनाव में हार होना पहले से ही निश्चित लग रही थी लेकिन वह भाजपा के जितेंद्र सिंह को हराने के लिए दुष्प्रचार करते रहे और उन्होंने उसकी हार होने की स्थिति में ही अपनी जीत मान रखी थी। लेकिन यहां परिणाम में जितेंद्र सिंह को हुए बंपर वोटिंग से वो चुनाव रणनीति में कच्चे खिलाड़ी साबित हुए हैं।

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