रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Lok Sabha Election 2019 - राज्य के 14 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 मई को होने वाली मतगणना चार चरणों में होगी। पहले चरण में प्री-काउंटिंग के अंतर्गत सेवा मतदाताओं द्वारा इस्तेमाल ईटीपीबीएस मतों की गिनती होगी, जबकि दूसरे चरण में ईवीएम के मतों की गिनती होगी। तीसरे चरण में वीवीपैट में पर्ची का मिलान कर मतों की गणना होगी और चौथे चरण में मतगणना के बाद ईवीएम और वीवीपैट के सील करने से जुड़ी प्रक्रिया शामिल होगी। मतगणना में सिर्फ उन्हीं पोस्टल बैलेट को शामिल किया जाएगा, जो मतगणना के दिन सुबह 7.59 बजे तक उपलब्ध होगा।

  • भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का करें अनुपालन : खियांग्ते
  • निर्वाची व सहायक निर्वाची पदाधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
  • संशय की स्थिति में आरओ से लेकर सीइओ तक से करें संपर्क

सोमवार को रातू रोड स्थित राज्य निर्वाचन आयोग में निर्वाची और सहायक निर्वाची पदाधिकारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल खियांग्ते ने मतगणना के दौरान भारत निर्वाचन आयोग की ओर से भेजे गए दिशानिर्देशों का अक्षरश: अनुपालन करने का निर्देश दिया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतों की गणना में किसी भी तरह की शंका की स्थिति में सहायक निर्वाची पदाधिकारियों को पहले निर्वाची पदाधिकारी से विचार-विमर्श करने की नसीहत दी। यहां समस्या का समाधान नहीं होने पर ऑब्जर्वरों को इसकी सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि यहां भी हल नहीं निकलने पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।

लोकसभा चुनाव के सफलता पूर्वक संपन्न होने पर उन्होंने सभी निर्वाची पदाधिकारियों और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने मतदाता जागरूकता को लेकर विभिन्न जिलों में स्वीप के तहत चलाए गए कार्यक्रमों की भी सराहना की। कहा कि इसका सीधा असर मतदान में देखने को मिला है। 

समय पर भेजें निर्वाचन से संबंधित सभी रिपोर्ट
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि चुनाव संपन्न होने के बाद भारत निर्वाचन आयोग को इससे संबंधित कई रिपोर्ट भेजी जानी है। ऐसे में निर्वाची पदाधिकारी चुनाव को लेकर सभी रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय को ससमय उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्वाची पदाधिकारियों / सहायक निर्वाची पदाधिकारियों को कहा कि मतों की गणना में किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसका पूरा ख्याल रख जाए। 

मतों की गिनती में टाइमलाइन को करें फॉलो
डा. अमिताभ कौशल, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्वाची और सहायक निर्वाची पदाधिकारियों को मतों की गिनती में टाइमलाइन को फॉलो करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ईवीएम-वीवीपैट को स्ट्रांग रूम से निकालने की पूर्व जानकारी सभी प्रत्याशियों और उनके निर्वाचक एजेंट को पूर्व में ही दे दी जाएगी, ताकि ईवीएम-वीवीपैट को स्ट्रांग रुम से मतगणना हॉल तक लाने के दौरान किसी में किसी तरह का कोई संशय न हो। 

हर टेबल पर एक काउंटिंग एजेंट रख सकते हैं प्रत्याशी
प्रशिक्षण के क्रम में अफसरों ने स्पष्ट किया कि निर्वाची और सहायक निर्वाची पदाधिकारी मतगणना को लेकर मतगणना स्थल पर तैयार किए गए सेटअप की जानकारी प्रत्याशियों को पूर्व में ही दे दें। ताकि किसी भी स्तर पर किसी तरह का संशय न रहे। हर प्रत्याशी को मतगणना के लिए बनाए गए हर टेबल पर एक काउंटिंग एजेंट को रखने की अनुमति रहेगी।

मतगणना केंद्र में मतगणना कर्मियों को मोबाइल फोन आदि को ले जाने की इजाजत नहीं होगी। इससे इतर सुरक्षाकर्मियों को भी बिना इजाजत मतगणना केंद्र के अंदर जाने की इजाजत नहीं होगी। केंद्र व राज्य सरकार के मंत्रियों को भी मतगणना केंद्र के अंदर प्रवेश की मनाही रहेगी। पुलिस पदाधिकारी अथवा किसी प्रत्याशी को काउंटिंग एजेंट बनाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। 

आदर्श मतगणना केंद्र के सेटअप का लिया जायजा
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर राज्य निर्वाचन आयोग में बनाए गए आदर्श मतगणना केंद्र के सेटअप का भी इस दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अफसरों के अलावा निर्वाची व सहायक निर्वाची पदाधिकारियों ने अवलोकन किया। यहां वे मतगणना को लेकर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया तथा उससे जुड़े  नियमों की जानकारी ली। आदर्श मतगणना केंद्र पंडरा में बनाए गए स्ट्रांग रूम का मॉडल था। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने निर्वाची और सहायक निर्वाची पदाधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया।

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Posted By: Alok Shahi

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