वाराणसी [देवव्रत त्रिवेदी]। चुनाव आयोग के सुझाव पर रेल मंत्रालय ने बिहार जाने वाली ट्रेनों में चुनाव के दौरान चेन पुलिंग पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। आयोग का तर्क है कि चुनाव के दौरान बिहार के सीमावर्ती राज्यों से बड़े स्तर पर प्रत्याशियों की शह पर शराब बांटने के उद्देश्य से तस्करी हो सकती है। जबकि बिहार में साल 2016 से ही शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इस बाबत रेल मंत्रालय जहां ट्रेनों में चेन पुलिंग सिस्टम को अस्थाई तौर पर बंद करने पर विचार कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ आरपीएफ महानिदेशक अरुण कुमार के निर्देश पर उत्तर रेलवे दिल्ली व लखनऊ मंडल ने बिहार जाने वाली गाडिय़ों में आरपीएफ को अतिरिक्त चौकसी बरतना शुरू कर दिया है। 

इन ट्रेनों में हो सकता है तकनीकी परिवर्तन

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नई दिल्ली-राजगीर श्रमजीवी एक्सप्रेस
13258 आनंद विहार-दानापुर जनसाधारण एक्सप्रेस
12368 आनंद विहार भागलपुर विक्रमशिला एक्सप्रेस
12394 नई दिल्ली राजेंद्रनगर टर्मिनल संपूर्णक्रांति
12554  नई दिल्ली सहरसा वैशाली एक्सप्रेस

कई जोनों से मांगा सहयोग : रेल विभाग के साथ ही आरपीएफ ने सभी मंडलों के रेलवे सुरक्षा बल को पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण यूपी बिहार बार्डर पर दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर, उत्तर सीमांत रेलवे कटिहार से विशेष तौर पर सहयोग मांगा गया है।

सामान्य बोगियों पर विशेष निगाह : आरपीएफ अफसरों के मुताबिक ऐसे अपराध ज्यादातर सामान्य बोगियों से किए जाते हैं। इनकी रोकथाम के लिए आरपीएफ जवान सामान्य बोगियों में सादी वर्दी में विशेष निगरानी रखेंगे। 

रडार पर बिहार के छोटे स्टेशन : शराब तस्करी के मामले में बिहार के छोटे सीमावर्ती स्टेशनों पर आरपीएफ खास ध्यान दे रही है। इनमें यूपी से सटे भभुआ रोड, बक्सर, छपरा और बंगाल से सटे किशनगंज, पूर्णिया, भागलपुर और कटिहार में विशेष चेकिंग के निर्देश जारी हैं। 

बोले अधिकारी : रेलवे एक्ट के मुताबिक चेन पुलिंग करना अपराध की श्रेणी आता है, चुनाव के मद्देनजर ट्रेनों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। सहयोग के लिए अन्य जोन व मंडलों को पत्र लिखा गया है। -अभिषेक कुमार, वरिष्ठ मंडल सहायक कमांडेंट, उत्तर रेलवे लखनऊ।

Posted By: Abhishek Sharma