लखनऊ, जेएनएन। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती को पीएम नरेद्र मोदी के अंतरिक्ष में सेटेलाइट के सफल परीक्षण को लेकर राष्ट्र के नाम संबोधन पर आपत्ति है। उन्होंने अपने ट्वीट में इस मामले में गहरी आपत्ति जताई है।

मायावती ने कहा कि जब देश में इमरजेंसी जैसे हालात नहीं है तो फिर पीएम मोदी ने देश के नाम पर प्रसारण क्यों और कैसे किया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अंतरिक्ष में सेटेलाइट के सफल परीक्षण लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम प्रसारण पर एक बार हमला बोला है। मायावती ने कहा कि चुनाव आयोग की अनुमति लिए बगैर पीएम मोदी ने देश के नाम प्रसारण क्यों व कैसे किया? जबकि देश में इमरजेंसी जैसे कोई हालात भी नहीं थे।

मायावती ने ट्वीट कर कहा कि चुनाव आयोग द्वारा पीएम मोदी के बुधवार के भाषण की जांच के लिए कमेटी बनाना अच्छी बात है किन्तु मूल प्रश्न यह है कि आयोग की बिना पूर्व अनुमति के पीएम ने देश के नाम प्रसारण क्यों व कैसे किया जबकि देश में इमरजेंसी जैसे कोई हालात नहीं थे। यह चुनावी लाभ हेतु सरकारी तंत्र का दुरुपयोग है।

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि पिछले अनुभव साबित करते हैं कि भाजपा के नेतागण नए-नए तरीकों से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के माहिर व बदनाम रहे हैं और कल फिर बिना पूर्व अनुमति के ही पीएम मोदी ने देश को सम्बोधित किया जबकि कोई इमरजेंसी नहीं थी। देश सांस रोके परेशान रहा। आयोग कृपया सख्ती करे।

मायावती ने इससे पहले कल भी ट्वीट कर कहा था कि भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों द्वारा अंतरिक्ष में सैटेलाइट मार गिराये जाने का सफल परीक्षण करके देश का सर ऊंचा करने के लिए अनेकों बधाई। लेकिन इसकी आड़ में पीएम मोदी का चुनावी लाभ के लिए राजनीति करना अति-निन्दनीय। अब तो माननीय चुनाव आयोग को इसका सख्त संज्ञान अवश्य लेना चाहिए। प्रधानमंत्री के उद्बोधन का रेडियो, टेलीविजन और सोशल मीडिया पर सीधा प्रसारण किए जाने के कुछ ही मिनट बाद बसपा सुप्रीमो का ट्वीट आया था।

चौकीदार क्या ईमानदार है...

मेरठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट के जरिये उन पर फिर हमला बोला। उन्होंने ट्वीट किया कि 'पीएम मोदी ने मेरठ से लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि मैं अपना हिसाब दूंगा लेकिन, विदेश से कालाधन वापस लाकर गरीबों को 15 से 20 लाख रुपये देने व किसानों की आय दोगुनी करने जैसे जनहित के मुद्दों का हिसाब-किताब दिए बिना ही वह मैदान छोड़ गए। चौकीदार क्या ईमानदार है...'

इसके कुछ देर बाद मायावती ने दूसरा ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि 'व्यक्तिगत, जातिगत, साम्प्रदायिक द्वेष व घृणा की राजनीति करना बीजेपी एंड कंपनी की शोभा है, जिसके लिये उनकी सरकार लगातार सत्ता का दुरुपयोग करती रही है। देशहित को सर्वोपरि मानकर ऐसी गरीब, लोकतंत्र व जनविरोधी सरकार से देश को मुक्ति दिलाने के लिए बसपा-सपा-आरएलडी ने गठबंधन किया है।

एक अन्य ट्वीट में मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ताख पर रखते हुए नरेंद्र मोदी ने मेरठ की रैली में सपा-आरएलडी-बसपा गठबंधन को 'शराब' बताकर इनसे दूर रहने की जो बात कही है वह इनकी इस गठबंधन से हो रही भय व घबराहट के साथ-साथ इनकी जातिवादी एवं विकृत मानसिकता को भी दर्शाता है।

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Posted By: Dharmendra Pandey