कोलकाता, जागरण संवाददाता। बांग्लादेशी अभिनेता फिरदौस अहमद के बाद अब उनके हमवतन कलाकार गाजी अब्दुल नूर पर तृणमूल प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने को लेकर गाज गिरी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वीजा नियमों के उल्लंघन के मामले में गाजी को भी भारत छोड़ने का फरमान जारी किया है। यह भी पता चला है कि गाजी वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहे थे। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि वीजा की अवधि से ज्यादा समय तक भारत में रहने को लेकर भी उनके खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई की जा रही है।ब्यूरो आफ इमिग्रेशन से मिली रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया है।

गौरतलब है कि गाजी ने दमदम लोकसभा सीट से तृणमूल प्रत्याशी सौगत राय के समर्थन में प्रचार किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। इसे लेकर प्रदेश भाजपा ने गत बुधवार को चुनाव आयोग से शिकायत की थी। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजुमदार ने इसे वीजा नियमों का उल्लंघन बताते हुए कहा था कि यह एक विदेशी नागरिक द्वारा चुनावी प्रक्रिया को सक्रिय रूप से प्रभावित करने का एक और संगीन मामला है।

इससे पहले गृह मंत्रालय ने बांग्लादेशी अभिनेता फिरदौस अहमद के तृणमूल के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें भारत छोड़ने का फरमान सुनाया था। फिरदौस का नाम काली सूची में डालते हुए उनका बिजनेस वीजा भी रद कर दिया था। फिरदौस ने भारत-बांग्लादेश सीमा के पास हेमताबाद और करणदीघी में रायगंज सीट से तृणमूल प्रत्याशी कन्हैयालाल अग्रवाल के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो गई थी। भाजपा ने देश में चुनाव प्रचार में विदेशी नागरिकों की सहभागिता के मामले की एनआइए जांच कराने की भी मांग की है।

बांग्लादेशी अभिनेता गाजी अब्दुन नूर द्वारा पश्चिम बंगाल की दमदम सीट से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार सौगात रॉय के लिए प्रचार करने पर भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा था, जिसमें आयोग के हस्तक्षेप की मांग की गई थी। इसी बीच नूर को लेकर गृह मंत्रालय का भी एक बयान सामने आया। मंत्रालय ने सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेशी अभिनेता गाजी अब्दुन नूर, जिन्होंने पश्चिम बंगाल के दमदम में एक राजनीतिक रैली में भाग लिया था, उन्हें अब भारत छोड़के जाने के लिए कहा गया है। बताया गया कि नूर का वीजा समाप्त हो गया था और वीज़ा वैधता के खत्म होने के बावजूद यहां रहने पर उनपर उचित कार्रवाई की जा जाएगी।

गौरतलब है कि एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें बांग्लादेशी अभिनेता गाजी अब्दुन नूर तृणमूल नेता मदन मित्रा के साथ रामनवमी पर भाजपा के विरोध में निकाले गए जुलूस में शामिल दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि नूर ने दमदम से तृणमूल उम्मीदवार सौगत रॉय के लिए चुनाव प्रचार भी किया है। 

तृणमूल के पक्ष में प्रचार करने वाले बांग्लादेशी अभिनेता को भारत छोड़ने का फरमान
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बांग्लादेशी अभिनेता फिरदौस अहमद के तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें भारत छोड़ने का फरमान सुनाया है। फिरदौस का नाम काली सूची में डालते हुए उनका बिजनेस वीजा भी रद कर दिया है। भाजपा ने विदेशी नागरिक के भारत में चुनाव प्रचार करने पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की थी। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया-'बांग्लादेशी नागरिक फिरदौस अहमद द्वारा वीजा संबंधी नियमों का उल्लंघन करने की ब्यूरो आफ इमीग्रेशन से रिपोर्ट मिलने के बाद उनका बिजनेस वीजा रद कर दिया गया है। उनका नाम काली सूची में डालते हुए भारत छोड़कर चले जाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। फॉरेनर रीजनल रजिस्ट्रेशन आफिसर (एफआरआरओ) कोलकाता को इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

गृह मंत्रालय ने एफआरआरओ से फिरदौस को लेकर रिपोर्ट तलब की थी। फिरदौस ने भारत-बांग्लादेश सीमा के पास हेमताबाद और करणदीघी में तृणमूल प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार किया था, जिसे लेकर विवाद पैदा हो गया था। भाजपा ने इसपर कड़ी आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की थी। फिरदौस ने उत्तर दिनाजपुर जिले की रायगंज लोकसभा सीट से तृणमूल प्रत्याशी कन्हैयालाल अग्रवाल के समर्थन में करणदीघी से हेमताबाद तक रोड शो व सभा की थी, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया में वायल हो गई थी। तस्वीर में फिरदौस के साथ टॉलीवुड कलाकार अंकुश व पायल सरकार दिख रहे हैं। विवाद गहराने के बाद कन्हैयालाल ने कहा था कि उन्हें नहीं मालूम कि उनके लिए कौन प्रचार कर रहा था। रायगंज संसदीय क्षेत्र बांग्लादेश की सीमा से सटा हुआ है और वहां मुस्लिम आबादी भी अच्छी है। 

Posted By: Sachin Mishra