नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। लोकसभा चुनाव परिणाम (Lok Sabha Election 2019) के नतीजो सामने आ गए हैं। कहते है दिल्ली तक की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है।  यह राज्य कितना मायने रखता है इस बात के पता इसी से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस ने साम दाम दंड भेद की नीति अपनाई। कांग्रेस ने प्रियंका गांधी से खूब प्रचार करवाया। खुद राहुल गांधी ने भी सूबे में कई रैलियां की। हालांकि, उनकी सभी नीति विफल रही। सभी की निगाहे उत्तर प्रदेश पर टिकी हुई थी। सूबे में भाजपा सरकार बनने के बाद लोकसभा चुनाव हुए हैं। फिलहाल, सामने आ रहे नतीजों के मुताबिक, प्रदेश में भाजपा ने 60 से ज्यादा सीटें अपने नाम कर ली है। हालांकि, 2014 लोकसभा के दौरान भाजपा ने 71 सीटें जीती थी। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार भी वाराणसी से चुनाव मैदान में थे। करीब 4 लाख 79 हजार से ज्यादा वोटों से पीएम मोदी ने जीत हासिल की हैं। यहां से  गठबंधन उम्मीदवार शालिनी यादव को 1,95,159 वोट मिले। कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय तीसरे नंबर पर रहे। उत्तर प्रदेश के अमेठी में भी इस बार हवाओं का रुख कांग्रेस के खिलाफ ही रहा। कांग्रेस का गढ़ रही अमेठी लोकसभा सीट से भाजपा मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 55102 वोटों से हराया। वोटों की गिनती के दौरान ही राहुल गांधी ने हार मान ली थी। 

जानकारी के लिए बता दें किExit Poll (एग्जिट पोल) में उत्तर प्रदेश में यूपी में भाजपा को विभिन्‍न सर्वों में भाजपा को 38 सीटों से लेकर 58 सीटें तक दी गई थीं। वहीं कांग्रेस गठबंधन को 2-4 सीटें दी गई थीं। इसके अलावा बसपा-सपा गठबंधन को 13-28 सीटें और अन्‍यों को भी कुछ सीटें दी गई थीं। जहां तक Exit Poll और शुरुआती रुझानों की बात की जाए तो कहीं न कहीं यह सही दिखाई दे रहे हैं। यदि यही रुझान परिणाम में तब्‍दील होते हैं तो यह कहा जा सकता है कि पिछले चुनाव के मुकाबले सपा-बसपा ने इस बार साथ आकर अपनी स्थिति को पहले से बेहतर किया है। लेकिन, यदि बात की जाए कांग्रेस की तो बड़े बयानों और बातों के बावजूद उसको लोगों ने मैदान से बाहर कर दिया है।

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Posted By: Kamal Verma

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