रांची, राज्य ब्यूरो। Lok Sabha Election 2019 -  झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी तथा झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को नक्सलियों के नाम पर धमकी देने वालों तक पुलिस अबतक नहीं पहुंच पाई है। धमकी देनेवाला कोई सिरफिरा है या सचमुच में नक्सली या अपराधी है यह अभी भी अबूझ पहेली बनी हुई है। पुलिस तह तक नहीं पहुंच सकी है।

अबतक जो बातें सामने आई है उसके अनुसार, गिरिडीह के बरमसिया निवासी वकील अविनाश कुमार के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर उक्त धमकी भरा पत्र दोनों नेताओं को भेजा गया है। इससे संबंधित परिवार भी परेशान हैं। इधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी भरी चिट्ठी भेजे जाने के बाद नेताओं की सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह किसी की शरारत लग रही है, जिसकी पहचान की कोशिश की जा रही है। स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

बता दें कि पूर्व में राजभवन, प्रधानमंत्री, राज्यपाल को उड़ाने तक की धमकी भी वैसे ही लेटरपैड पर लिखकर दी जा चुकी है। विधानसभा अध्यक्ष डा. दिनेश उरांव को भेजे गए पत्र का लेटर पैड कांग्रेस कार्यकर्ता गिरिडीह के बरमसिया शमशान रोड निवासी नरेंद्र कुमार सिन्हा (छोटन) के नाम पर था। इसमें भेजने वाले का नाम अजय कुमार सिन्हा (मंटू), अंजनी कुमार सिन्हा (पत्रकार), रवींद्र वर्मा (कारू) लिखा गया था। उन्हें भाकपा माओवादी के रूप में प्रस्तुत किया गया था।

जब पुलिस उनके घर पहुंची तो पता चला कि उनके नाम का किसी ने इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि किसी ने उनका जीना मुहाल कर दिया है। उनके नाम पर किसी न किसी को धमकी दी जा रही है, जिसके चलते उनका पूरा परिवार परेशान है। गिरिडीह नगर थाना उड़ाने की धमकी तथा वर्ष 2016 में भी राजभवन को उड़ाने की धमकी के मामले में इन्हीं नामों का प्रयोग किया गया था। प्रारंभिक छानबीन में पुलिस को महज एक शरारत लगा था, लेकिन यह शरारत कौन कर रहा है, आजतक पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पाई। 

मरांडी के पास है सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा, हेमंत के पास झारखंड पुलिस
दोनों ही पूर्व सीएम के पास जेड प्लस की सुरक्षा है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के पास पहले जेड प्लस सुरक्षा थी, लेकिन समीक्षा के बाद 2016 में झारखंड सरकार उन्हें वाई श्रेणी के स्कॉट सुरक्षा दी थी। बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर उन्हें सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा दी गई। वहीं, हेमंत सोरेन के पास झारखंड पुलिस की जेड प्लस सुरक्षा है। दोनों ही पूर्व मुख्यमंत्रियों के पास दो-दो स्कॉट, दो अधिकारी व एक पायलट गाड़ी है। इतना ही नहीं, क्षेत्र भ्रमण के दौरान स्थानीय थाने की गश्ती पार्टी भी उनकी सुरक्षा में लगी रहती है।

नक्सली बोले, हमने नहीं दी मरांडी को धमकी
कोडरमा लोकसभा से महागठबंधन प्रत्याशी सह झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी को नक्सलियों ने कोई धमकी नहीं दी है और न ही नक्सली संगठन ने उन्हें किसी तरह का कोई धमकी भरा पत्र लिखा है। यह बयान उत्तरी छोटानागपुर जोनल कमेटी के सचिव आनंद ने रिलीज जारी कर मंगलवार को कही। मरांडी को धमकी देने की बात से इनकार करते हुए संगठन ने इसकी ङ्क्षनदा की है। कहा कि पत्र में लिखी हर बात झूठी है। यह माओवादी संगठन को कमजोर करने की साजिश है।

Posted By: Alok Shahi

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