जम्मू, राज्य ब्यूरो। राज्य में संसदीय चुनाव संपन्न होने के साथ ही विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। मौसम की चुनौतियों का सामना करने वाले जम्मू कश्मीर में अक्टूबर-नवंबर में चुनाव होने के आसार हैं। इस दौरान मौसम खुशगवार रहता है।

वर्ष 2014 में विधानसभा चुनाव नवंबर-दिसंबर में हुए थे। भले ही चुनाव आयोग ने अभी विधानसभा चुनाव करवाने के संबंध में कोई फैसला नहीं किया है, लेकिन पूरे आसार हैं कि बाबा अमरनाथ यात्रा संपन्न होने के बाद चुनाव करवाने की तैयारी शुरू हो जाएगी। राज्य में 45 दिन की बाबा अमरनाथ यात्रा मध्य जुलाई में संपन्न होगी। ऐसे हालात में प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने कार्यकर्ताओं को अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

अब तक जम्मू में इस संबंध में पार्टी की आधा दर्जन से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। प्रदेश भाजपा के संगठन मंत्री अशोक कौल ने स्पष्ट किया है कि गर्मियों के महीनों में ऊपरी इलाकों में गए खानाबदोशों की वापसी के बाद विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। अशोक कौल ने ऐसा सोशल साइट ट्वीटर पर लिखा है। राज्य में अप्रैल में गर्मियां शुरू होते ही हजारों खानाबदोश, गुज्जर-बक्करवाल अपने माल मवेशियों और परिजनों के साथ पलायन कर ऊपरी इलाकों में चले जाते हैं। वे वहां पर गर्मियों के पांच महीने बिताने के बाद निचले इलाकों में अपने डेरों पर लौटने लगते हैं। उनकी वापसी ऐसे समय होती है जो जम्मू व कश्मीर के साथ लद्दाख में भी चुनाव करवाने के लिए सबसे बेहतर समय है। इसके बाद कश्मीर व लद्दाख में ठंड बढ़ने लगती है।

हम चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार :

रविन्द्र रैना प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविन्द्र रैना का कहना है कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। संसदीय चुनाव में पार्टी को कामयाब बनाने के लिए पूरा जोर लगाने वाले कार्यकर्ता उत्साह में हैं। बूथ स्तर तक हमारी तैयारी है। हमने विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेजी देना भी शुरू कर दिया है। अब भारतीय चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। चुनाव के संबंध में आयोग के फैसले का पूरा सम्मान किया जाएगा। आयोग अगर जम्मू कश्मीर में अक्टूबर-नवंबर में चुनाव का फैसला करता है तो यह हमें मंजूर होगा। ये महीने चुनाव के लिहाज से सही हैं। 

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Posted By: Preeti jha