अजमेर, (जेएनएन)। सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय ने कहा कि आसन्न लोकसभा चुनाव में जनता से जुड़े मुख्य मुद्दे गौण हैं। चुनाव भूख, गरीबी, बेरोजगारी जैस जनता से जुड़े मुद्दों पर लड़ा जाना चाहिए किन्तु किन्ही ओर ही मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। देश के पांच सौ जनसंगठनों ने जनता की राय से जनता का मांग पत्र तैयार किया है जिसमें केंद्र सरकार के पांच साला कामकाज की रिपोर्ट बनी है।

अरुणा राय ने कहा कि देश में नोट बंदी और जीएसटी के बाद गरीब लोग और गरीब हो गए। कामकाज ठप पड़ गए। लोगों को बेरोजगारी झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि देश में जीडीपी बढ़ने की बात कही जा रही है किन्तु इसका लाभ अमीरों को हुआ है।

जो लोग देश के लिए आवाज उठा रहे हैं केंद्र की मौजूदा सरकार उन कार्यकर्ताओं को देश द्रोही बता कर जेलों में डाल रही है। सरकार के विरोध की आवाज को कुचला जा रहा है। गरीबों की महात्मागांधी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है। जनता के काम की योजनाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

जानकारी के अनुसार अरुणा राय देश हमारा, वोट हमारा, मुद्दा हमारा अभियान’ के तहत बुधवार को पी.यू.सी.एल. अजमेर इकाई कार्यालय समीक्षा परिसर में प्रेस से बात कर रही थी। इस अवसरपर पी.यू.सी.एल. राज्य महा सचिव डॉ. अनन्त भटनागर, डीएल त्रिपाठी, पीयूसीएल की सचिव कैरोल गीता सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे। 

Posted By: Preeti jha

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