जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के अगुआ रहे कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के भाजपा में शामिल होने के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति दो गुटों में बंट गई है। गुटबाजी के बीच संघर्ष समिति के कुछ पदाधिकारियों ने दौसा में बैठक कर बैंसला समेत तीन पदाधिकारियों को समिति की कार्यकारिणी से निष्कासित कर दिया।

समिति के उपाध्यक्ष श्रीराम बैंसला की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला, भूरा भगत और एडवोकेट शैलेंद्र सिंह को गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की कार्यकारिणी से निष्कासित कर दिया गया। उधर मंगलवार को जयपुर में कर्नल बैंसला की अध्यक्षता में गुर्जर समाज के प्रमुख लोगों की बैठक में श्रीराम बैंसला और हिम्मत सिंह को समिति से निष्कासित कर दिया गया। बैठक में कर्नल बैंसला को समाज का सर्वमान्य नेता बताया गया।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि भाजपा में शामिल होना बैंसला का व्यक्तिगत फैसला है,लेकिन वे आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक बने रहेंगे। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कर्नल बैंसला ने कहा कि 20 अप्रैल को सिकंदरा में समाज की सभा होगी,जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

बैंसला बोले,मैने बीजेपी से कोई सौदेबाजी नहीं की

पिछले सप्ताह दिल्ली में अपने बेटे विजय के साथ भाजपा में शामिल होने वाले कर्नल बैंसला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कोई सौदेबाजी नहीं की है। वे बिना किसी शर्त के भाजपा में शामिल हुए है। उन्होंने कहा कि मैं समाज के लिए भाजपा में शामिल हुंआ हूं,राज्य सरकार ने आरक्षण का विधेयक सर्व सम्मति से विधानसभा में पारित कर दिया। पिछली वसुंधरा राजे सरकार ने भी ऐसा ही किया था। अब मेरा मकसद गुर्जर सहित पांच जातियों के आरक्षण को संविधान की 9वीं सूची में डलवाना है,इसलिए ही भाजपा में शामिल हुंआ हूं। 

Posted By: Preeti jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस