चाईबासा, जेएनएन। पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से घोर नक्सल प्रभावित बिटकिलसोय, नवागांव, तिरिलपोसी और रायडीह गांव के मतदान केंद्रों को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित (री-लोकेट) कर उत्क्रमित मध्य विद्यालय, दीघा स्थित बूथ पर कर दिया था। मतदाताओं को वोट के लिए 100 से 120 किलोमीटर की दूरी नापनी थी। दुरुह कार्य था लेकिन वोटरों के हौसले बुलंद रहे।

1364 मतदाताओं में 800 ने मतदान के लिए करीब 120 किलोमीटर की दूरी तय की। प्रशासन की ओर से इनके लिए गाड़ी की व्यवस्था की गई थी। पिछले चुनाव के मुकाबले हालांकि दस फीसद कम वोट पड़े। इन बूथों पर 58.65 फीसद मतदान हुआ, जबकि सिंहभूम संसदीय क्षेत्र में औसत मतदान 67.79 फीसद रहा। वहीं सारंडा के नवागांव व बिटकिलसोय के मतदाताओं ने भी चुनाव में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

लोकतंत्र में अपनी भागीदारी निभाते हुए पैदल 30 किमी का सफर तय कर दीघा स्थित मध्य विद्यालय मतदान केंद्र में मतदान किया। कभी नक्सलवाद का पर्याय रहे नवागांव व रायडीह के मतदाताओं ने सभी बातों को धता बताते हुए इस लोकतंत्र के महापर्व में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। मतदान केंद्र गांव से काफी दूर होने के बावजूद किसी तरह पहुंचकर मतदान किया।

व्यवस्था से नाराज थे ग्रामीण : मतदाता प्रशासन की व्यवस्था से नाराज थे। उनका कहना था कि वाहन जब चांदीपोस (ओडिसा) होते हुए उनके गांव तक आ सकता था, तो वाहन को वहीं क्यों रोक दिया गया। कम से कम चांदीपोस आने-जाने में भी 20 से 24 किलोमीटर पैदल तो नहीं चलना पड़ता।

असहाय व वृद्धों को कंधे पर उठा बूथ तक पहुंचाया सीआरपीएफ के जवानों ने

सीआरपीएफ के जवान अपनी ड्यूटी के साथ-साथ लोकसभा चुनाव में असहाय मतदाताओं के लिए मददगार साबित हुए। सुरक्षा के कारण प्रशासन द्वारा कुछ बूथों का री-लोकेट किये जाने से मतदाताओं को काफी लंबी दूरी तय कर बूथों तक पहुंचना पड़ा। जिससे कई वृद्ध मतदाता अस्वस्थता के कारण मतदान नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में बेडाकेंदूदा बूथ पर ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने असहाय वृद्ध मतदाताओं को न केवल कंधे पर उठा कर मतदान बूथ तक पहुंचाया बल्कि कई असहाय मतदाताओं की हर संभव मदद भी की। कुछ इसी तरह सीआरपीएफ 174 बटालियन दीघा के जवान लोकसभा चुनाव में रविवार को सारंडा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के मतदाताओं के मदद व सेवा में लगे रहे।

वे विकलांग मतदाताओं को जरूरत के अनुसार सहयोग व मदद से मतदान केंद्र पहुंचा कर उन्हें मतदान कराया। यहां तक कि दूर दराज के गांवों से भूखे प्यासे मतदान करने पहुंचे मतदाताओं को जलपान व बैठा कर भोजन भी कराया। मतदाता भी सुरक्षा बलों के सेवा से काफी प्रसन्न नजर आए।

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Posted By: Alok Shahi