तिरुअनंतपुरम, प्रेट्र। केरल विधानसभा के लिए छह अप्रैल को हुए चुनाव में माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे (एलडीएफ) को शानदार जीत दिलाने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ पर भाजपा के साथ वोटों की सौदेबाजी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यूडीएफ ने ज्यादा सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा के साथ सांठगांठ कर रखी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव परिणामों में यूडीएफ का पत्ता साफ हो गया, लेकिन मतगणना वाले दिन दो मई तक यूडीएफ को सत्ता में आने का पूरा भरोसा था। यह भरोसा उन्हें भाजपा के साथ हुई गुप्त सौदेबाजी के कारण था।

विजयन ने यहां प्रेस से मुलाकात में आरोप लगाया कि भाजपा से सौदेबाजी के कारण यूडीएफ को चलाकुडी, कोवलम, कुंडारा और पाला समेत कम से कम 10 सीटों पर जीत हासिल हुई। अगर यह सौदेबाजी न हुई होती तो ये सीटें एलडीएफ के खाते में आतीं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व को वोटों की सौदेबाजी की जांच करनी चाहिए। उल्लेखनीय है 140 वाली केरल विधानसभा के चुनाव में एलडीएफ को 99 और यूडीएफ को 41 सीटें मिली हैं। जबकि भाजपा एक भी सीट नहीं जीत पाई।

विजयन का सीएम पद से इस्तीफा

मुख्यमंत्री पी.विजयन ने नया मंत्रिमंडल गठित करने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे किया। वे दोपहर में राजभवन गए और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने विजयन से अगली सरकार बनने तक सीएम पद पर काम करते रहने को कहा है।

ससुर सीएम और दामाद विधायक

इस बार की विधानसभा में पी. विजयन मुख्यमंत्री होंगे तो उनके दामाद मोहम्मद रियास विधायक होंगे। रियास विजयन की बेटी वीणा के पति हैं। वीणा बेंगुलुरु में आइटी इंटरप्रेन्योर हैं। विजयन ने धर्मादम सीट से जहां 50 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की वहीं रियास ने बेपोर सीट पर 20 हजार मतों से बाजी मारी। हालांकि कुछ एक्जिट पोल में रियास के हारने की संभावना व्यक्त की गई थी।

इस बार सदन में होंगी 11 महिला विधायक

नारी सशक्तिकरण के लिहाज से इस बार केरल विधानसभा में बेहतर स्थिति देखने को मिलेगी। इस बार 11 महिला प्रत्याशियों को जनता ने चुनकर विधानसभा भेजा है। इनमें से 10 वाममोर्चे से और एक यूडीएफ से हैं। इस बार चुनाव मैदान में कुल 103 महिलाओं ने किस्मत आजमाई थी जिनमें 11 सफल रहीं। 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में आठ महिलाएं ही जीत पाई थीं। जबकि 1996 के चुनाव में सर्वाधिक 13 महिलाएं जीती थीं।

केके रेमा यूडीएफ की एकमात्र महिला

विधायकयूडीएफ की एकमात्र महिला विधायक केके रेमा, आरएमपी पार्टी के दिवंगत नेता टीपी चंद्रशेखरन की पत्नी है। चंद्रशेखरन ने कभी माकपा छोड़कर आरएमपी पार्टी ज्वाइन की थी। इस पर माकपा कार्यकर्ताओं ने चार मई 2012 को उनकी हत्या कर दी थी।

केके शैलजा को विधानसभाअध्यक्ष बनाने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक विजयन इस बार केके शैलजा को विधानसभा अध्यक्ष बनाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। शैलजा फिलहाल स्वस्थ्य मंत्री हैं और कोरोना की सफलतापूर्वक रोकथाम के लिए काफी चर्चित रही हैं। शैलजा यदि स्पीकर बनती हैं तो वे केरल विधानसभा की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष होंगी। 

Edited By: Pooja Singh