तिरुवल्ला, प्रेट्र। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आरोप लगाया कि केरल में सत्तारूढ़ एलडीएफ और विपक्षी यूडीएफ के बीच घोटालों में एक दूसरे को पछाड़ने की प्रतिस्पर्धा है। उनकी लोगों का हित करने में कोई रुचि नहीं है बल्कि वे सिर्फ अपनी जेबें भरने में लगे हैं।

पथानमथिट्टा जिले के तिरुवल्ला में एक रोडशो के दौरान सीतारमण ने सबरीमाला मुद्दे पर भी वाम मोर्चा सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि ऐसी महिलाओं को चुपके से अयप्पा मंदिर में भेजकर लाल सलाम करने का प्रयास किया गया जो भगवान की भक्त नहीं थीं। वित्त मंत्री ने भक्तों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की। याद दिला दें कि 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति देने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसे लागू करने के विजयन सरकार के निर्णय का भाजपा और दक्षिणपंथी संगठनों ने विरोध किया था। सीतारमण ने सवाल किया, 'हमारे और भक्तों के खिलाफ किस तरह की हिंसा और पुलिस कार्रवाई की गई थी जो स्वामी के दर्शनों के लिए जा रहे थे।' उन्होंने कहा कि महिलाओं को अयप्पा के मंदिर में चुपके से भेजना साजिश थी। ताकि वे वहां जाकर भगवान अयप्पा के सामने कम्युनिस्टों का लाल झंडा फहरा सकें।

सोना तस्करी और सोलर घोटाले के संदर्भ में एलडीएफ और यूडीएफ पर निशाना साधते हुए वित्त मंत्री ने कहा, 'क्या हम ऐसी पार्टियां चाहते हैं। आज के हालात में जब आप लगातार भ्रष्टाचार, हिंसा और तुष्टिकरण की नीति देख रहे हैं, हमें आप जैसे लोगों की जरूरत है जो खड़े हों और कहें कि विकल्प की जरूरत है।'

सोना तस्करी मामले की जांच पटरी से उतारने की कोशिश

पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा कि सोना तस्करी मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ न्यायिक जांच का कदम जांच को पटरी से उतारने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि जो लोग कानून का सामना करने से डरते हैं, वे केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ राज्य पुलिस को लगा रहे हैं। याद दिला दें कि केरल सरकार ने 26 मार्च को ईडी समेत केंद्रीय जांच एजेंसियों के खिलाफ न्यायिक जांच की सिफारिश करने का फैसला किया था।

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