कोल्लम [संजय मिश्र]। केरल के मौजूदा विधानसभा चुनाव में वैसे तो यहां की राजनीति और स्थानीय रंगमंच के कई सितारे चुनावी अखाड़े में हैं, मगर इसमें दो राय नहीं है कि मुख्यमंत्री पिनरई विजयन चुनाव के सबसे बड़े सियासी स्टार दिखाई दे रहे हैं। सूबे की सत्ता में वापसी के लिए वामपंथी गठबंधन दम भर रहा है तो उसकी वजह विजयन की लोकप्रियता है। अन्यथा एलडीएफ सरकार के खिलाफ घोटालों की लंबी फेहरिस्त को लेकर विपक्ष जिस कदर हमलावर है, उसमें माकपा के लिए अपनी सियासत बचाना भी मुश्किल होता।

वामपंथी छात्र संगठन भी निभा रहे अहम भूमिका

विजयन के चुनावी अभियान को कांग्रेस-यूडीएफ और भाजपा-एनडीए से अलग और प्रभावशाली दिखाने में माकपा के कैडर और वामपंथी छात्र संगठनों की भी अहम भूमिका दिख रही है। मुख्यमंत्री अपनी चुनावी सभाओं में सियासी रॉक स्टार की तरह आते हैं, कैडर और लोगों को कनेक्ट करने के लिए कुछ ऐसी बाते कहते हैं कि भीड़ उत्साहित हो जाती है। इसके बाद अपने संबोधन में राजनीतिक एजेंडे से लेकर विपक्ष पर हमले का समां बांधते हैं और भाषण के 30 मिनट पूरे होते ही रैली को खत्म कर दूसरे पड़ाव पर निकल पड़ते हैं।

तालियों की गड़गड़ाहट से समर्थक करते हैं स्वागत

कोल्लम में विजयन ऐसी ही एक चुनावी सभा में आते हैं तो करीब 200 मीटर दोनों तरफ खड़े माकपा के कार्यकर्ता और समर्थक तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत करते हैं। वामपंथी छात्र संगठनों के युवाओं की संख्या इसमें ज्यादा सक्रिय है और जैसे ही विजयन मंच पर पहुंचते हैं तो फिर पटाखे और आतिशबाजी कर माहौल में उत्साह और गर्मी पैदा की जाती है।

केरल में कांग्रेस-यूडीएफ के नेता

पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी और नेता विपक्ष रमेश चेन्निथेला जैसे नेताओं की चुनावी सभाएं भी प्रभावशाली हो रही हैं, मगर यह भी हकीकत है कि विजयन जैसी भीड़ जुटाना दूसरे स्थानीय नेताओं के लिए आसान नहीं हो रहा है। हालांकि, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन इस बारे में कहते हैं कि विजयन की चुनावी सभाओं में पैसा बहाया जा रहा है ताकि वह ज्यादा प्रभावशाली नजर आएं। कांग्रेस का यह भी आरोप है कि विजयन वास्तव में चुनाव अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल कर रहे हैं और हकीकत में तो उनके सियासी दामन पर घोटाले के गहरे दाग हैं। कांग्रेस ही नहीं भाजपा व दूसरे विरोधी दलों के नेता भी विजयन पर ऐसे ही आरोप लगाते हैं। कोल्लम में विजयन की सभा में जुटे माकपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने विरोधी दलों के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वामपंथी राजनीति में व्यक्ति नहीं संगठन सर्वोच्च होता है। वाम छात्र संगठन एसएफआइ के एक प्रतिनिधि शिजोमन ने कहा कि मुख्यमंत्री विजयन केरल में इस समय सबसे लोकप्रिय नेता हैं और इस सच्चाई को स्वीकार करने के बजाय विपक्ष आधारहीन हमले कर रहा है।

Edited By: Neel Rajput