रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Assembly Election 2019 - कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी कर रहे नए नेताओं को चाहकर भी दूसरी प्राथमिकता ही मिलेगी। टिकटों के बंटवारे में पहली प्राथमिकता तो विधायकों को मिलना पहले से ही तय है। अब ऐसे में उन नौ सीटों पर सिरदर्द बढ़ रहा है जहां पिछले चुनाव में कांग्रेस दूसरे स्थान पर थी। इसके अलावा भी पार्टी दो-तीन सीटों पर दावा कर रही है जहां तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद वोटों की संख्या में पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया था। अब इन्हीं सीटों पर कांग्रेस के साथ जुडऩेवाले नेताओं की नजर है।

सितंबर माह के दूसरे पखवारे में कांग्रेस में पूर्व विधायक रामचंद्र सिंह राजद छोड़कर शामिल हुए हैं। मनिका से दो बार विधायक रहे रामचंद्र सिंह इसी सीट से दावेदारी ठोक रहे हैं। ऐसे भी पिछले चुनाव में वह महज एक हजार के करीब मतों से परास्त हुए थे। उनकी दावेदारी अभी से मजबूत मानी जा रही है। इसके अलावा पूर्व मंत्री और जदयू के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके जलेश्वर महतो भी कुछ महीनों पूर्व कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उनकी दावेदारी बाघमारा सीट से है।

पिछले चुनाव में वे विधायक ढुलु महतो से लगभग 30 हजार मतों से चुनाव हारे थे। इस बीच, सूत्र बताते हैं कि कुछ और दलों से पूर्व विधायक भी कांग्रेस के संपर्क में है लेकिन कांग्रेस का फॉर्मूला उनके लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। कांग्रेस में अभी तक के हालात से लग रहा है कि किसी को टिकट की गारंटी तभी मिलेगी जब किसी का टिकट कटेगा।

कांग्रेस के कई सीनियर नेता पिछले चुनाव में नंबर दो पर रहे थे और इनका टिकट कटना फिलहाल मुश्किल ही दिख रहा है। राजेंद्र सिंह, केएन त्रिपाठी, मन्नान मल्लिक, बन्ना गुप्ता, सुरेश बैठा जैसे नेता पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे थे और एक बार फिर इनकी दावेदारी बन रही है। नेताओं की भीड़ में पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, चंद्रशेखर दुबे आदि भी अपने लिए सीट तलाश रहे हैं।

कांग्रेस के वर्तमान विधायक

आलमगीर आलम (पाकुड़), बादल पत्रलेख (जरमुंडी), इरफान अंसारी (जामताड़ा), सुखदेव भगत (लोहरदगा), देवेंद्र सिंह उर्फ बिटटू (पांकी), मनोज यादव (बरही), नमन विक्सल कोनगाड़ी (कोलेबिरा) और निर्मला देवी (बड़कागांव)।

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