रांची, राज्य ब्यूरो। विधानसभा चुनाव-2019 में झारखंड ही नहीं दूसरे राज्यों के जवान भी विधि-व्यवस्था में लगाए जा रहे हैं। झारखंड का अधिकतर इलाका जंगलों से घिरा हुआ है, जहां नक्सलियों का खतरा तो है ही, यहां के मच्छर भी कम खतरनाक नहीं हैं। जवानों को नक्सलियों से निपटने की चुनौती तो है ही, मच्छरों से बचना भी कम चुनौती नहीं है।

इसी मौसम में वर्ष 2009 का चुनाव भी हुआ था, तब मच्छरों ने चार जवानों की जान ले ली थी। तब 150 से अधिक जवान बीमार हो गए थे। जिन जवानों की मौत हुई थी, उनमें मलेरिया व जांडिस की शिकायत हुई थी। बीमार जवान भी मलेरिया-टायफायड व जांडिस से पीडि़त मिले थे। जिन जवानों की मौत हो गई थी, उनमें नगा आर्म्‍ड पुलिस के दो जवान, गुजरात के एक जवान व जामताड़ा के एक जवान शामिल थे।

हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चुनाव में जो भी जवान जंगल क्षेत्र में लगाए जाते हैं, उन्हें मच्छर रोधी दवाइयां व अन्य सभी सुविधाएं दी जाती है। उन्हें वह रसायन भी दिया जा रहा है, जिसे शरीर पर लगा लेने से मच्छर नहीं काटेंगे। इसके बावजूद जवानों को विशेष एहतियात बरतने का निर्देश दिया गया है ताकि वे सुरक्षित रहें और शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करवा सकें।

Posted By: Alok Shahi

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