रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Assembly Election 2019 बागी मंत्री सरयू राय से प्रदेश भाजपा का तीसरा तलाक त पर ही अटक गया है। त के बाद के दो शब्द ला और क मिल जाएं तो संधि विच्छेद की प्रक्रिया पूर्ण हो। लाक लगते ही त से तलाक बनने में कोई देरी नहीं होगी। कहते हैं कि पार्टी ने उन्हें कायदे से अपने दिल से दूर नहीं किया है। दो तलाक देकर छोड़ दिया। पहला तलाक मन से नहीं दिया गया था और बगैर नाम लिए पार्टी से निकालने की बात कह दी गई थी। भला इस तलाक को कोई महत्व देगा क्या? तो लगे हाथ दूसरा तलाक भी दे ही दिया गया। इस बार नाम के साथ पार्टी से निष्कासित किया गया। लेकिन इससे भी संबंध छूटने जैसी बात नहीं दिख रही। एक मामला तो अभी लटका ही हुआ है और यह मामला है मंत्रालय से विदाई का। जब तक मंत्रीमंडल से राय का इस्तीफा स्वीकार नहीं हो जाता, ट्रिपल तलाक तो लटका ही रह जाएगा। सो, पब्लिक तो डिलेमा में है, तलाक पूरा माना जाए या अधूरा।

नेताओं को निकालकर भाजपा ने कांग्रेस को सच्चा साबित किया

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है कि भाजपा दो चरणों के संभावित परिणाम को लेकर सकते में है। हार की आहट से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की भाषाई मर्यादा गिरती जा रही है। दोनों अपना काम बताने के बदले कांग्रेस को कोसने में वक्त बिता रहे हैं। जहां-जहां पार्टी हार रही है वहां अपने ही कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। सोमवार को दर्जनभर से अधिक नेताओं का निष्कासन यह बताने के लिए काफी है कि पार्टी चुनाव में बदहाली के दौर से गुजर रही है।

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