रांची, [जागरण स्‍पेशल]। Jharkhand Assembly Election 2019 चक्र को धारण करनेवाले इलाके की दावेदारी ने जहां बड़े भाई और छोटे के रिश्ते में दरार डाल दी, वहीं चुनावी भोंपू इस इलाके में अब रामायण कथा के संवाद ही बजा रहा है। राम-लक्ष्मण के नारे गूंज रहे हैं। बड़े साहब जहां खुद लोगों से राम-लक्ष्मण की जोड़ी को सूबे के विकास के लिए जरूरी बताकर गए हैं, वहीं गठबंधन की गांठें खोलकर बड़े भाई के खिलाफ ताल ठोंककर खड़े छोटे मियां ने यहां लक्ष्मण के मुकाबले एक दूसरा राम मैदान में उतार दिया है।

वह लक्ष्मण के मूर्छित हो जाने की बात भी कह गए हैं। रामायण के पात्रों में छिड़ी यह महाभारत सूबे का सियासी पारा बढ़ा रही है। फूल वाले जहां अपने मुखिया को ही यहां दांव पर लगाने के कारण इसे मूंछ की लड़ाई मान रहे हैं, वहीं लंबे समय से सियासत में दोस्त रहे साथी अब उन्हीं के खिलाफ ताल ठोंककर खड़े हैं। अन्य योद्धाओं ने भी मोर्चा संभाल लिया। सबके तरकश में तीर हैं। हालांकि निशाने पर लक्ष्मण ही हैं। लड़ाई मेंं सुग्रीव, हनुमान और विभीषण की भूमिका देखने लायक होगी।

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