रांची, राज्य ब्यूरो। Citizenship Amendment Bill लोकसभा के साथ ही राज्यसभा में बिना किसी मशक्कत के पारित हो चुका नागरिकता संशोधन विधेयक - 2019 झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Election 2019) की रैलियों में भी न सिर्फ अहम मुद्दा बनेगा, बल्कि नया चुनावी एजेंडा भी सेट करेगा। संयोग से राज्यसभा में पारित इस विधेयक के अगले दिन गुरुवार को ही झारखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी जनसभा में खुलकर इस पर बातें की। पीएम ने धनबाद की रैली से नार्थ ईस्‍ट और असम के लोगों को यह भरोसा दिया कि उनके नागरिक अधिकारों में कोई छेड़छाड़ नहीं होगा। इधर झारखंड के राजमहल और महगामा में चुनावी जनसभा करने पहुंचे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी नागरिकता संशोधन विधेयक - 2019 पर चुप ही रहे। हालांकि माना जा रहा था कि इस महत्‍वपूर्ण विधेयक को लेकर दोनों ही पक्षों का सदन में रुख देख चुकी जनता अब सार्वजनिक मंच से दोनों नेताओं को इस अहम मसले पर बोलते हुए सुनेगी।

नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 को लेकर ट्वीट के माध्यम से प्रधानमंत्री ने अपनी भावनाओं का इजहार बुधवार रात ही कर दिया और इस दिन को भारतीय मूल्य, करुणा और भाईचारे के लिए अहम दिन बताया। पीएम के ट्वीट से यह साफ हो गया है कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर प्रधानमंत्री धनबाद के मंच से जहां सरकार का पक्ष स्पष्ट करेंगे, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को भी निशाने पर लेने से नहीं चूकेंगे। प्रधानमंत्री ने झारखंड में अब तक अपने तीन चुनावी दौरों के क्रम में छह सभाएं की हैं।

पलामू से लेकर बोकारो तक की झारखंड की अपनी तकरीबन हर जनसभा में उन्होंने राम जन्म भूमि विवाद, अनुच्छेद 370 और तीन तलाक का जिक्र किया है। इतना ही नहीं, इन तमाम अहम मसलों के वर्षों तक लटकने के लिए कांग्रेस को भी जिम्मेदार ठहराया है। नागरिकता संशोधन विधेयक इस कड़ी को आगे बढ़ाएगा। पीएम इस विधेयक को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष करने का कोई मौका नहीं चूकेंगे। वे इस बहाने झारखंड में अगले चरणों के चुनाव के लिए भाजपा का एजेंडा भी सेट करेंगे।

कांग्रेस ने सदन में नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध किया था। उसके विरोध के बावजूद विधेयक बिना किसी व्यवधान के पारित हो गया। कांग्रेस अब जनता के बीच अपने पक्ष को रखेगी। जाहिर है इसकी शुरुआत राहुल गांधी झारखंड से करेंगे। राहुल की साहिबगंज और महागामा में जनसभा है। ध्यान रहे विकास के एजेंडे से शुरू हुआ झारखंड का चुनाव अब पूरी तरह से राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित होता जा रहा है। नागरिकता संशोधन विधेयक इस कड़ी को आगे बढ़ाएगा।

झारखंड के मुख्‍यमंत्री रघुवर दास ने नागरिकता संशोधन विधेयक को ऐतिहासिक फैसला करार दिया। सीएम ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इसके लिए बधाई के पात्र हैं। कहा कि अब पाकिस्‍तान, अफगानिस्‍तान और बांग्‍लादेश से सताए हुए लोगों को भारत में सम्‍मान से जीने का अधिकार मिलेगा। इससे वोट बैंक की राजनीति करने वालों को तगड़ा जवाब मिला है। इधर भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष लक्ष्‍मण गिलुवा ने लोकसभा और राज्‍यसभा से नागरिकता संशोधन विधेयक के पारित होने पर कहा कि हिन्‍दुस्‍तान में आए शरणार्थियों को सही मायने में आज जिंदगी मिल गई है। आज के दिन भारतीय संसद ने इतिहास रचा है।

आजसू चुप, झामुमो-झाविमो ने कहा ध्यान भटकाने वाला

नागरिकता संशोधन बिल पर विभिन्न दलों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। आजसू पार्टी ने जहां इसपर कुछ भी बोलने से इन्कार किया, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना है कि यह संविधान की मूल भावना के विपरीत है और मोर्चा इसका सैद्धांतिक विरोध करता है। महासचिव सुप्रियो भट्टïाचार्य ने कहा कि मूल मुद्दों से भाजपा सरकार लोगों को भटका रही है। इससे समाज में विभेद पैदा होने का खतरा है।

उधर, झारखंड विकास मोर्चा ने कहा कि देश के समक्ष और भी कई मसले हैैं, जिसका समाधान होना चाहिए। प्रवक्ता तौहीद आलम के मुताबिक यह बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी तथा राज्य में बढ़ते पलायन की ओर से लोगों का ध्यान भटकाने का यह प्रयास है। इस बिल में संशोधन से समाज के एक बड़े तबके के समक्ष संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। आशंका जताई कि देश गलत दिशा की ओर बढ़ रहा है।

Posted By: Alok Shahi

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