रांची, [नीरज अम्बष्ठ]। Jharkhand Election Result 2019 पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा ने महागठबंधन में शामिल नहीं होने का फैसला करते हुए अकेले विधानसभा चुनाव लड़ा। इसने सबसे अधिक सभी 81 सीटों पर अपना प्रत्याशी भी दिया। लेकिन, बाबूलाल के दो दर्जन से अधिक चुनावी लड़ाकों का यह हाल हुआ कि वे नोटा (नन ऑफ द एबव) से भी हार गए। मतदाताओं ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया। यही हाल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू का यहां हुआ। कई सीटों पर इनके भी प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले।

विधानसभा चुनाव के नतीजे के अनुसार, सभी 81 सीटों में तीन सीटें ऐसी हैं, जहां जीत हासिल करने वाले तथा उनके नजदीकी प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी के अलावा तमाम प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले। इनमें सिसई, गुमला तथा मनिका शामिल हैं। इन तीनों सीटों पर बाबूलाल मरांडी की पार्टी के प्रत्याशी को भी नोटा से कम वोट मिले। वहीं, 22 अन्य सीटें भी हैं, जहां उनके प्रत्याशी को नोटा से कम वोट मिले। दूसरी तरफ, 17 ऐसी सीटें हैं, जहां जदयू के प्रत्याशियों को मतदाताओं ने पूरी तरह से नकार दिया। उन्हें नोटा से भी कम वोट मिले। जदयू ने 51 सीटों पर अपना प्रत्याशी दिया था, जिनमें तीन का नामांकन रद हो गया था। बताते चलें कि विस चुनाव में लगभग आधे नेता नोटा से हार जाते हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ है।

इन सीटों पर झाविमो को नोटा से कम वोट

गुमला, सिसई, मनिका, राजमहल, बोरियो, पाकुड़, जामताड़ा्र मधुपुर, गोड्डा, रामगढ़, डुमरी, गोमिया, चंदनकियारी, निरसा्र धनबाद, बाघमारा, जुगसलाई, जमशेदपुर पश्चिम, सरायकेला, मनोहरपुर, सिल्ली, सिमडेगा, कोलेबिरा, लोहरदगा, पांकी।

इन सीटों पर जदयू को नोटा से कम वोट

लिट्टीपाड़ा, महेशपुर, देवघर, पोटका, चाईबासा, मनोहरपुर, खूंटी, रांची, हटिया, कांके, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, मनिका, लातेहार, पांकी, गढ़वा।

जदयू, लोजपा, आप सहित कई पार्टियों को भी नोटा ने पछाड़ा

इस विधानसभा चुनाव में 1.36 फीसद मतदाताओं ने नोटा विकल्प का इस्तेमाल किया। यह प्रतिशत कई छोटी  पार्टियों से अधिक है। नीतीश की पार्टी जदयू के अलावा रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा, अरविंद केजरीवाल की पार्टी आप, शरद पवार की पार्टी एनसीपी, ऑल इंडिया फारबर्ड ब्लॉक, सीपीआइ, सीपीआइएम सहित कई पार्टियों को नोटा ने पछ़ाड़ा है। हालांकि, वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में नोटा को 1.7 फीसद वोट पड़े थे। इस बार इसमें कमी आई है।

Posted By: Alok Shahi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस