जमशेदपुर, जासं।  Jharkhand Assembly Election 2019 भले ही बहरागोड़ा के विधायक कुणाल षड़ंगी वर्ष 2019 में भाजपा में शामिल हुए थे। लेकिन उनकी नजदीकी मुख्यमंत्री से वर्ष 2014 से ही है। वर्ष 2014 में उन्हें भाजपा से टिकट मिल जाता। लेकिन क्षेत्र के एक कद्दावार नेता के कारण यह नहीं हो सका।

उस समय भी मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पार्टी आलाकमान के पास कुणाल का प्रस्ताव रखा था। लेकिन यह नहीं हो सका। उसके बाद उन्होंने वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में बहरागोड़ा से कुणाल षांडगी ने जेएमएम उम्मीदवार के रूप में नामांकन किया। 2014 के चुनाव में जब जेएमएम उम्मीदवार के रूप में कुणाल षांडगी नामांकन करने जा रहे थे इसी क्रम में तब के भाजपा उम्मीदवार डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी के नामांकन करा के लौट रहे जेएमएम उम्मीदवार कुणाल षांडगी की भेंट जमशेदपुर पूर्वी के विधायक रघुवर दास व सांसद विद्युत वरण महतो से हो गई थी। कुणाल ने दोनों नेताओं के पैर छूकर आशीर्वाद लेते हुए नामांकन करने के लिए आगे बढ़ गए।

खुद नामांकन कराने पहुंचे सीएम

2019 में ठीक इसके विपरीत एक ऐसा दौर देखा गया जब खुद रघुवर दास व सांसद विद्युत वरण महतो ने कुणाल षाडंगी को भाजपा प्रत्याशी के तौर खुद अनुमंडल कार्यालय लाकर नामांकन करवाया। यह कहना गलत नहीं होगा कि 2014 में पैर छूकर लिया गया आशीर्वाद कुणाल को 2019 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में मिला।

Posted By: Rakesh Ranjan

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