रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Assembly Election 2019 कांके विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी समरी लाल को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने बुधवार को उनके जाति प्रमाण पत्र को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि प्रार्थी की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इसके बाद याचिका को खारिज कर दिया। इ

स दौरान सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता जयप्रकाश ने अदालत को बताया कि संविधान के अनुच्छेद 329 के (बी) में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी शिकायत की सुनवाई करना कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा है कि जब से चुनाव की अधिसूचना जारी होती है और जब तक परिणाम प्रकाशित नहीं हो जाता है, तब तक चुनाव की प्रक्रिया मानी जाती है।

कहा गया है कि अगर किसी को कोई शिकायत हो तो उसे परिणाम जारी होने तक इंतजार करना होगा और उसके बाद चुनाव याचिका दाखिल करनी होगी। लेकिन, इस मामले में चुनावी प्रक्रिया के बीच में ही हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी गई है। इसलिए यह याचिका सुनवाई योग्य ही नहीं है। इसके अलावा, समरी लाल कांके विधानसभा क्षेत्र से ही कई बार चुनाव लड़ चुके है। सरकार के जवाब से संतुष्ट होकर अदालत ने प्रार्थी की याचिका को खारिज कर दिया।

बता दें कि कांके के मतदाता प्रिय रंजन सहाय ने समरी लाल के जाति प्रमाण पत्र को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया कि समरी लाल राजस्थान के रहने वाले हैैं और वर्ष 2016 में जाति प्रमाण पत्र को लेकर बने नियम के तहत नहीं है। इसलिए उनका नामांकन रद किया जाए।

Posted By: Alok Shahi

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