रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Assembly Election 2019  विपक्षी महागठबंधन की दो बड़ी पार्टियों झामुमो और कांग्रेस के बीच समझौते की बात आगे बढ़ती दिख रही है। अभी तक की सूचना के अनुसार चुनाव झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व में लड़ा जाएगा, लेकिन इसकी घोषणा सीटों के बंटवारे के बाद हो सकेगी। फिलहाल, आधा दर्जन के करीब सीटों पर दोनों पार्टियों में जिच है और इस कारण से दोनों दलों के कुछ सीनियर नेताओं की कुर्बानी ली जा सकती है।

मंगलवार को झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के आवास पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिहं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव और कुछ अन्य सीनियर नेताओं की वार्ता हुई। दोनों दल इसे औपचारिक मुलाकात बता रहे हैं, लेकिन गठबंधन को लेकर बातें आगे बढ़ चुकी हैं। कांग्रेस के पास एक बार फिर बाबूलाल मरांडी को साथ लाने की जिम्मेदारी होगी। मरांडी महागठबंधन के लिए तैयार तो हैं ही, लेकिन सीट शेयरिंग पर नजरिया अभी साफ नहीं है।

राजद और वामपंथी दलों को वास्तविकता में कोई पूछ नहीं रहा है, लेकिन महागठबंधन का हिस्सा इन्हें भी देर-सबेर बनना है। सभी दलों की आपसी रंजिश उन चंद सीटों पर है जहां विपक्ष के रूप में पार्टियां खुद को स्थापित करना चाह रही हैं। कांग्रेस और झामुमो में आधा दर्जन के करीब सीटों पर जिच बनी हुई है। सिसई, गुमला, राजमहल, घाटशिला और मधुपुर जैसी सीटों पर दोनों पार्टियां अपनी दावेदारी कर रही हैं। 

महज औपचारिक बैठक थी : उरांव

झामुमो से वार्ता के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि यह बैठक महज औपचारिक थी और शीघ्र ही तमाम औपचारिकताओं के बाद दोनों दल महागठबंधन के स्वरूप की घोषणा करेंगे।

Posted By: Alok Shahi

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