रांची, जासं। Jharkhand Assembly Election 2019 सिसई विधानसभा क्षेत्र में उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय बघनी के बूथ संख्या 36 में मतदाता व सुरक्षा में तैनात जवानों के बीच झड़प में जख्मी अशफाक अंसारी का रिम्स में इलाज किया जा रहा है। घायल अशफाक को 11:30 बजे रिम्स लाया गया। इमरजेंसी में सर्जरी के डॉ. आरएस शर्मा की टीम ने गोली निकाली। दो घंटे बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया। डॉक्टर के अनुसार मरीज के बाएं पैर के जांघ में एक गोली लगी जो दाएं जांघ में भी छेद करते हुए पैर में फंस गई। गोली निकालने के बाद मरीज की स्थिति ठीक है। एक-दो दिन ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

पुलिस का दावा, गोली नहीं चलाते तो सभी जवान मारे जाते

सिसई के बघनी स्थित बूथ संख्या 36 पर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने गोली चलाने की परिस्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर गोली नहीं चलाते तो हम पांचों जवानों में से किसी की जान नहीं बचती। कोई मतदानकर्मी भी नहीं बचता। जवानों का कहना है कि हम लोगों ने ग्रामीणों को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराने के लिए लाइन में लगने को कहा था। कुछ लोग लाइन में लगना नहीं चाह रहे थे। न ही बैठ कर अपने मतदान करने की बारी आने का इंतजार ही करने को तैयार थे। यहीं से बहस शुरू हुई। इसके बाद विवाद ने ङ्क्षहसक रूप ले लिया। आत्मरक्षार्थ गोली चलाना मजबूरी थी।

मतदान करने अवकाश लेकर आया था मो जिलानी

फायरिंग में मारा गया मो. जिलानी की पत्नी रौशनी खातून ने बताया कि उसका पति कल ही मतदान करने के लिए अवकाश लेकर घर आया था। वह ईंट भट्ठा में काम करता था। सिसई रेफरल अस्पताल में जिलानी का शव पड़ा था। उसकी पत्नी रौशनी खातून और उसकी मां सलमा खातून ने बिलखते हुए घटना की जानकारी दी। उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं । वह अकेला कमाने वाला पुरुष सदस्य था।

घटना का वीडियो वायरल 

घटनास्थल से वायरल हुए विडियो में यह स्पष्ट सुनाई पड़ रहा है कि ग्रामीण पुलिस को धमका रहे थे। ललकार रहे थे कि चारों ओर से घेर लो। बच कर नहीं जाना चाहिए। लोग मतदान केंद्र परिसर में पत्थरबाजी कर रहे थे। सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मियों ने छत पर चढ़कर फायरिंग की।

Posted By: Alok Shahi

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