धनबाद, जासं। Jharkhand Assembly Election 2019 - भाजपा विधायक राज सिन्हा देश की कोयला राजधानी धनबाद का प्रतिनिधित्व विधानसभा में करते हैं। वैसे तो धनबाद भाजपा का गढ़ रहा है लेकिन 2009 में कांग्रेस ने यहां सेंध लगा दी। 2014 के विधानसभा चुनाव में राज सिन्हा ने फिर से यहां कमल खिलाया। क्षेत्र की जनता की उम्मीदें पूरी करने में विधायक प्रयत्नशील रहे। सदन में लगातार उनकी सक्रियता बनी रही।

कई मुद्दों पर उन्होंने बहस में भाग लिया और लगभग हर सत्र में अपने क्षेत्र की समस्याओं पर सवाल भी उठाए। इसकी तारीफ खुद मुख्यमंत्री धनबाद में कर चुके हैं। उनके प्रयासों का नतीजा है कि कई योजनाएं धनबाद को मिलीं। ढांचागत बदलाव की ओर कदम तो बढ़ गए हैं, इन्हें पूरी तरह अमल में नहीं लाया जा सका है। मसलन, ट्रांसफार्मर लगे पर बिजली संकट बरकरार है। सड़क बनी पर जाम से निजात नहीं मिली। पाइपलाइन बिछी पर पानी नहीं मिला।

धनबाद में बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही। शहर की तमाम प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण हुआ, लेकिन ट्रैफिक जाम से धनबाद के लोग आए दिन जूझते हैं। यह समस्या आज भी लोगों को रुला रही है। तकरीबन 5000 फीट पाइप लाइन पेयजल की आपूर्ति को बिछी पर जलसंकट खत्म नहीं हुआ। आज जलसंकट धनबाद के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। 440 वोल्ट के नंगे तारों की जगह केबल बिछ गए। हर जगह नए ट्रांसफार्मर, एबी स्विच लगे। कंट्रोल रूम बने, नए सबस्टेशन बने। बावजूद बिजली कटौती जारी है। इन खामियों की वजह से इलाके की जनता परेशान है।

सड़कें हुईं चौड़ी

शहर की कई सड़कों का चौड़ीकरण किया गया है। गोविंदपुर-बोकारो, बरवाअड्डा-धनबाद सड़क की फोरलेनिंग सहित कई नई सड़कें भी पिछले पांच वर्ष में बनी हैं।

राज सिन्हा : 99 फीसद गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं। शहर की प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण किया गया है। विधानसभा में कई बार मटकुरिया-आरामोड़ ओवरब्रिज की मांग की। अब उसका भी टेंडर हो चुका है।

मन्नान मल्लिक : ओवरब्रिज का प्रस्ताव पुराना है। पूरे पांच साल गुजर गए सरकार नहीं बना पाई। शहर की सड़कों का चौड़ीकरण का काम नगर निगम ने करवाया। विधायक ने तो कुछ नहीं किया।

बिजली कटौती से लोग रहे परेशान

बिजली के मामले में ढांचागत काफी काम हुआ। अब न ट्रांसफार्मर की कमी है न ही अन्य संसाधनों की। एबी स्विच, केबल वायर लगाए गए। पर, बिजली कटौती बदस्तूर जारी है।

राज सिन्हा : 100 फीसद ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचा दी गई है। भूली में जेबीवीएनएल का कनेक्शन दिया जा रहा है। सात सबस्टेशन हो गए हैं धनबाद विस क्षेत्र में। कांड्रा ग्रिड चालू हो जाए तो समाधान हो जाएगा।

मन्नान मल्लिक : जनता बिजली की परेशानी से त्राहि-त्राहि कर रही है। साल भर मेंटेनेंस का काम चलता रहता है। सड़क के किनारे के सभी पेड़ कट गए फिर भी मेंटेनेेंस के नाम पर बिजली कटौती होती रहती है।

पेयजल संकट से जूझते रहे लोग

लोग पीने के पानी के लिए परेशान रहते हैं। निगम व सरकार ने जवाहर शहरी पुनरुत्थान योजना के तहत लगभग 1000 करोड़ की राशि से नया प्रोजेक्ट शुरू किया है। इससे घर-घर नल जल योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।

राज सिन्हा : 99 फीसद ग्रामीण इलाकों में पाइप लाइन से जलापूर्ति हो रही है। लगभग सभी गांवों में विधायक निधि से पाइपलाइन बिछवा दिए गए हैं। पानी की चाक चौबंद व्यवस्था हो गई है।

मन्नान मल्लिक : पीएमसीएच के मरीज पानी के लिए तरसते हैं। पानी की कमी से ऑपरेशन तक में दिक्कत आती है। अरे गांव की बात छोड़ दीजिए, शहर में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है।

चिकित्सा सुविधा बदतर, पीएमसीएच की मान्यता पर संकट

चिकित्सा सुविधा का आलम यह है कि थोड़ी गंभीर प्रकृति के हादसे में भी मरीजों को रिम्स रेफर कर दिया जाता है। सदर अस्पताल में चिकित्सकों का अभाव है। पीएमसीएच की मान्यता तक खतरे में है।

राज सिन्हा : सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल का भवन भी बनकर तैयार है। सदर अस्पताल का मामला सदन में उठाया है। यहां इलाज शुरू करवाया गया है। जल्द ही एसएसएलएनटी में भी इलाज की व्यवस्था हो जाएगी।

मन्नान मल्लिक : पीएमसीएच में किसी बड़ी बीमारी की जांच की व्यवस्था नहीं है। निजी क्लिनिक व लैब मरीजों को लूट रहे हैं। जेनेरिक दवाएं कहीं मिल नहीं रही हैं। मरीजों को बाहर रेफर कर दिया जाता है।

ट्रैफिक जाम से परेशान है जनता

सड़कें जितनी चौड़ी हुईं उतना ही अतिक्रमण बढ़ता गया। जाम की समस्या यथावत है। बैंकमोड़, हटिया मोड़, सिटी सेंटर, सरायढेला, जोड़ाफाटक, मनईटांड़, बरवाअड्डा में दिन भर ट्रैफिक जाम रहना हर रोज की समस्या है।

राज सिन्हा : ट्रैफिक जाम को लेकर सदन में कई बार सवाल उठाए। सड़कें चौड़ी की गईं। ओवरब्रिज व करकेंद केंदुआ में बाईपास का टेंडर हुआ है। इनके बन जाने से जाम की समस्या से निजात मिलेगी। 

मन्नान मल्लिक : कोई नई सड़क नहीं बनवाई है। जो पुरानी सड़कें हैं वह कांग्रेस के समय की ही हैं और उनकी मरम्मत हमने ही करवाई थी। मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण नगर निगम ने करवाया है। विधायक ने कुछ नहीं किया।

हर क्षेत्र में भरपूर काम किया है : राज सिन्हा 

बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय का गठन मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। झारखंड मिनरल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (झमाडा) कर्मियों के लिए छठा वेतनमान स्वीकृत कराया। अब झमाडा को स्टैब्लिशमेंट के लिए 80 फीसद राशि खर्च करने का अधिकार भी मिल गया है। मेगा स्पोट्र्स कांप्लेक्स का री टेंडर हो चुका है। जल्द ही यह भी धरातल पर होगा। 5000 फीट पाइप लाइन पानी के लिए बिछवाई। सदन में भी प्रश्नकाल, शून्यकाल हो या किसी मुद्दे पर बहस, जागरूक जनप्रतिनिधि के नाते हर बहस में भाग लिया और हर मुद्दे को शिद्दत से हमने रखा। इसका परिणाम भी दिखा कि हर क्षेत्र में भरपूर काम हुआ है।

भाजपा काम से नहीं, हिंदू-मुस्लिम कर जीतती है : मन्नान

विश्वविद्यालय तो पहले ही पास हो चुका था। सिर्फ नाम को लेकर विवाद था। सड़कों की मरम्मत मैंने करवाई। सिर्फ अनुच्छेद 370 और राम मंदिर पर पब्लिक सेंटीमेंट जगाने का काम हुआ है। भाजपा इन्हीं के बल पर जीतती है। महंगाई बेतहाशा बढ़ी है। लोगों को न बिजली मिल रही न पानी, ट्रैफिक जाम है। विधायक बताएं कि 15 करोड़ रुपये कहां खर्च किए। भाजपा सिर्फ 100 फीसद एफडीआइ ला रही है। इससे बेरोजगारी और बढ़ेगी। झमाडा में छठा वेतनमान सिर्फ आई वाश है। मेगा स्पोट्र्स कांप्लेक्स उन्हीं के लोगों के घोटाले से लटका है और अब फिर उन्हीं के लोग बना रहे।

क्‍या कहते हैं आम लोग

राज सिन्हा लगातार सक्रिय रहे। मिलनसार भी हैं। विश्वविद्यालय से लेकर सड़क तक कई काम कराए। सदन में भी सक्रिय रहे। भूली में सड़क बनवाई, जेबीवीएनएल से बिजली कनेक्शन दिलाया। जो काम नहीं हुआ वह सरकारी विभागों की अकर्मण्यता की वजह से न हो सका। -सबिंद्र सिंह, एलआइसी एजेंट। 9/10 अंक

सदन में विधायक राज सिन्हा की सर्वाधिक सक्रियता रही। धनबाद में विश्वविद्यालय उनकी ही देन है। उन्होंने धनबाद के विकास और यहां की समस्याओं को लेकर हमेशा रांची में आवाज उठाई है। हालांकि उन्हें अपने आसपास के लोगों पर भी ध्यान देना चाहिए। -डॉ. अजीत कुमार, प्राध्यापक, बीबीएमकेयू। 8/10 अंक

एक जनप्रतिनिधि को जैसा होना चाहिए राज सिन्हा उस पर खरे उतरते हैं। वे जनमुद्दों को लेकर हमेशा सक्रिय रहे। व्यक्तिगत तौर पर कोई आरोप भी उन पर नहीं लगा। स्वच्छ छवि के व्यक्ति हैं। धनबाद के विकास में उनका काफी योगदान रहा। -डॉ. कृष्णमुरारी सिंह, प्राध्यापक बीबीएमकेयू। 7/10 अंक

इस सरकार में व्यवसायी सर्वाधिक हताश रहे। विधायक ने भी व्यापारियों के हित के लिए कुछ नहीं किया। वे सरकारी दल के हैं, उनसे उम्मीद भी नहीं है कि वे जीएसटी जैसे मुद्दों पर कभी व्यवसायियों का पक्ष रखेंगे। उन्होंने सिर्फ वोट की राजनीति की है। -लोकेश अग्रवाल, व्यवसायी। 4/10 अंक

विधायक ने व्यवसाय जगत के लिए कुछ नहीं किया। सदन से सड़क तक उनकी जो भी सक्रियता रही वोट बैंक के लिए रही। विधि-व्यवस्था की बुरी स्थिति है लेकिन उस पर विधायक कभी कुछ नहीं बोले। व्यवसायी दहशत में हैं। -कुमार मधुरेंद्र सिंह, व्यवसायी। 3/10 अंक

सड़क नाली निर्माण के काम विधायक के लोग ही ठेका लेकर करते हैं। अमूमन काम कमीशन के चक्कर में समय पर पूरे नहीं होते। लाहबनी को ही लें तो यहां सड़क निर्माण नवंबर में पूरा होना है। जो अब तक आधा भी नहीं हो सका है। विधायक ने कोई उल्लेखनीय काम नहीं किया। -अशोक राउत, सामाजिक कार्यकर्ता। 2/10 अंक

इतने हैं मतदाता

कुल मतदाता - 416434

पुरुष मतदाता : 227057

महिला मतदाता : 189377

विधायक निधि का उपयोग

2014-15 - 100

2015-16 - 100

2016-17 - 100

2017-18 - 100

2018-19 - 85

विधानसभा चुनाव 2014 के नतीजे

राज सिन्हा (भाजपा)

1,32,091

मन्नान मल्लिक (कांग्रेस)

79,094

लोकसभा चुनाव का परिणाम

धनबाद विधानसभा क्षेत्र से मिले वोट

पीएन सिंह भाजपा (भाजपा) - 148300

कीर्ति आजाद (कांग्रेस) - 71366

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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