पोटका, विद्या शर्मा। पूर्वी सिंहभूम जिले का पोटका विधानसभा क्षेत्र एक अदद डिग्री कॉलेज के लिए लंबे समय से तरस रहा है। यहां धरती के गर्भ में यूरेनियम से लेकर सोना तक का भंडार छिपा है। खनिज संपदा से भरपूर यहां की धरती पर शिक्षा का सपना संजोने वाले युवा अपने आप को ठगे महसूस करते हैं।

राज्य गठन से ही उम्मीद पाले यहां के युवाओं का डिग्री कालेज और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र का सपना आज तक अधूरा ही है। यहां के सामाजिक कार्यकर्ता शंकर मुंडा कहते हैं कि पोटका में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग चुनावी मुद्दा भी बना, लेकिन हर बार युवाओं की आवाज दब कर रह गई। इसके लिए कभी भी कोल्हान विश्वविद्यालय स्तर की बैठक में मजबूती के साथ नहीं उठी।

बीच में ही छोड़ देते पढ़ाई

गौर है कि इस क्षेत्र से रोजाना दो हजार से अधिक छात्र स्नातक की शिक्षा को लेकर जमशेदपुर दौड़ लगा रहे हैं, जिनके माता-पिता गरीब हैं, वैसे छात्र बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। क्षेत्र में आइटीआइ भी खुलने की घोषणा हुई थी, वह भी हवा-हवाई साबित हुई। हुनर के अभाव में क्षेत्र के युवा दिहाड़ी मजदूर बनने को विवश हैं। क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य दुखनी सरदार ने क्षेत्र में एक डिग्री कॉलेज को अति आवश्यक बताया। बोलीं- यह जिम्मेदारी क्षेत्र के नेतृत्वकर्ता की है। क्षेत्र की विधायक मेनका सरदार को इस बाबत झारखंड विधानसभा में आवाज बुलंद होनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नही हो सका। अन्यथा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खुल जाता। क्षेत्र में रोजगार की भी भारी कमी है। सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धेश्वर सरदार कहते हैं कि पोटका में डिग्री कॉलेज न होने से छात्रों का पैसा व बेशकीमती समय दोनों बर्बाद हो रहा है। गरीबों के लिए जमशेदपुर में हॉस्टल में रह कर पढऩा मुमकिन नहीं। उन्होंने क्षेत्र की जनता को भी कम दोषी नहीं ठहराया। बोले- जनता की भी जिम्मेदारी बनती है कि डिग्री कॉलेज के लिए जमीन मुहैया कराए। जमीन आवंटित होती है तो विरोध के स्वर उठते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

कॉलेज की दूरी 16 किलोमीटर 

बड़ा सिगदी की रहने वाली एलबीएसएम कॉलेज की छात्रा आरती सरदार कहती हैं कि रोजाना करनडीह स्थित कॉलेज जाना लड़कियों के लिए संभव नही हैं। यहां से कॉलेज की दूरी 16 किमी है। आने-जाने में कठिन परिश्रम और समय लगता है। कक्षाएं भी ठीक से नहीं हो पातीं। जल्दी लौटने की हड़बड़ी अलग से। करनडीह से हाता तक तो बस की सुविधा है। इसके बाद गांव तक पैदल जाने की मजबूरी के चलते पढ़ाई अधूरी छोड़ कर भागना पड़ता है। पोटका में डिग्री कॉलेज होता तो लड़कियों को ज्यादा सहूलियत होती। उन्होंने बदहाली पर दुख जताते हुए कहा कि पोटका बेहतर शिक्षा, आइटीआइ, मेडिकल व इंजीनियरिंग की पढ़ाई से आज भी अछूता है।  

पोटका विधानसभा क्षेत्र

  •  कुल वोटर : 2,83,969
  •  पुरुष मतदाता 1,42,012 
  • महिला मतदाता 1,41, 957

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