रांची, राज्य ब्यूरो। एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में फूट पड़ गई है। आजसू जहां अपनी मांग पर अड़ी हुई है, वहीं भाजपा उसे ज्यादा तवज्जो देने के मूड में नहीं दिख रही है। इसी कशमकश में मंगलवार को दिनभर गजब का राजनीतिक नाटक चलता रहा। दिल्ली से रांची तक भाजपा के बड़े नेता आजसू नेतृत्व की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो भाजपा से संदेश का इंतजार कर रहे हैं। वैसे, बात अब काफी आगे बढ़ चुकी है और भाजपा-आजसू में तलाक होना लगभग तय है। बस, दोनों ही इसका ठीकरा अपने ऊपर नहीं फोडऩे देना चाहते हैं, इसलिए घोषणा से कतरा रहे हैं। इस बीच भाजपा की सहयोगी लोजपा ने भी झारखंड मेंं उसका दामन छोड़ दिया है।

उम्मीद थी कि मंगलवार को एनडीए गठबंधन को लेकर दोपहर तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो की प्रेस वार्ता के बाद गेंद फिर भाजपा के पाले में चली गई। इस बीच, भाजपा के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर डंके की चोट पर आजसू में शामिल हो गए। वहीं, अन्य दलों के तमाम नेता गुपचुप आजसू से संपर्क साध रहे हैं। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ताला मरांडी का झामुमो में जाना तय माना जा रहा है। इधर, बाबूलाल मरांडी की पार्टी झाविमो ने मंगलवार को 39 और प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुनाव को रोचक बना दिया है।

झारखंड में दलबदल का जो दौर चुनाव की घोषणा से पूर्व शुरू हुआ था, वह टिकटों की पहले दौर की घोषणा के बाद चरम पर पहुंच गया है। अंतर बस इतना आया है कि चुनाव की घोषणा से पूर्व तमाम दल के नेता भाजपा का दामन थाम रहे थे, अब नेता सुविधानुसार अपना ठौर-ठिकाना तलाश रहे हैं। अवसरवाद की राजनीति चरम पर पहुंच गई है।

मंगलवार को आजसू का दरबार सजा तो सबसे पहले विधानसभा में सत्ताधारी दल के मुख्य सचेतक रहे राधाकृष्ण किशोर आजसू प्रमुख सुदेश महतो के आवास पहुंचे। घोषणा की कि फूल छोड़ फल प्राप्त कर रहा हूं। साबी देवी, आरती कुजूर और भाजपा के पूर्व सांसद कडिय़ा मुंडा के छोटे पुत्र अमरनाथ मुंडा भी सुदेश के आवास पहुंचे। कांग्रेस के सरोज दुबे भी आजसू में शामिल हुए। तीन बजे सुदेश महतो ने अपने पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा को चेताया, लेकिन गठबंधन रहेगा या नहीं, इस पर टिप्पणी से कतराते दिखे। बस इतना कहा कि हमने अपनी बात कह दी है, निर्णय उन्हें लेना है।

इधर, लोजपा के कार्यकारी अध्यक्ष चिराग पासवान से भाजपा ने झारखंड में अपने रिश्ते तोडऩे की घोषणा करते हुए 50 सीटों पर उम्मीदवार देने की बात कही। लोजपा ने चार उम्मीदवारों की सूची जारी भी कर दी। पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान भाजपा मौन रही। रांची से दिल्ली तक भाजपा के नेता प्रदेश के घटनाक्रम का जायजा लेते रहे। उधर, बोरियो में भाजपा विधायक ताला मरांडी ने झामुमो के वरिष्ठ नेता लोबिन हेम्ब्रम ने संपर्क साधा।

लोक जनशक्ति पार्टी झारखंड प्रदेश इकाई ने यह फैसला लिया है कि पार्टी 50 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। प्रथम चरण में लोजपा पांच सीटों पर चुनाव लड़ेगी और इसके लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी गई है। - चिराग पासवान, अध्यक्ष, लोजपा।

आजसू ने अंतिम रूप से 17 प्रत्याशियों की सूची भाजपा को सौंपकर अपनी बातें रख दी है। अब आगे इसपर भाजपा को निर्णय लेना है। सहयोगी दल ने आजसू की मजबूत सीटों पर बाहर से प्रत्याशी लाने का काम किया है। इस पर हमसे पूछा भी नहीं गया।  सुदेश महतो, केंद्रीय अध्यक्ष, आजसू।

गठबंधन पर निर्णय केंद्रीय नेतृत्व को लेना है। दिल्ली को सब बात बता दी गई है। अब उनके निर्णय का इंतजार है।  नंद किशोर यादव, विधानसभा सह चुनाव प्रभारी, भाजपा।

खास बातें

  • भाजपा-आजसू में तलाक का प्लॉट तैयार, लेकिन घोषणा से किया जा रहा परहेज
  • लोजपा ने भी छोड़ा भाजपा का साथ, 50 सीटों उम्मीदवार देने की घोषणा
  • सत्ताधारी दल के मुख्य सचेतक राधा कृष्ण किशोर हुए आजसू में हुए शामिल
  • भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ताला मरांडी का झामुमो में जाना तय
  • झाविमो ने जारी की 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची

Posted By: Alok Shahi

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